• nagardarpannews

Message From Somnath : 1000 साल बाद भी अडिग भारत की आत्मा, पीएम मोदी का भावुक संबोधन

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर पर पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक और विचारोत्तेजक लेख लिखा है। अपने लेख में उन्होंने सोमनाथ को केवल “विध्वंस” की कथा नहीं, बल्कि “सृजन, संकल्प और स्वाभिमान” की अमर गाथा बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि इतिहास में कई बार विदेशी आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त करने का प्रयास किया, लेकिन हर बार यह मंदिर और उससे जुड़ी आस्था और भी मजबूती के साथ खड़ी हुई। उन्होंने कहा कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्मा का प्रतीक है, जिसे कोई भी शक्ति मिटा नहीं सकी।

अपने लेख में पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर तत्कालीन नेतृत्व के बीच मतभेद थे। उन्होंने बताया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू इस पुनर्निर्माण के पक्ष में नहीं थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयासों से यह कार्य पूरा हुआ। यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को पुनर्स्थापित करने वाला साबित हुआ।

प्रधानमंत्री ने लिखा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि यह संदेश है कि भारत अपनी जड़ों, आस्था और स्वाभिमान के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने युवाओं से इतिहास से सीख लेने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का आह्वान भी किया।

About The Author