रात 10 बजे निकला 10 करोड़ का टेंडर! कोरबा शिक्षा विभाग पर फिक्सिंग का गंभीर आरोप, घोटाले की बू से मचा हड़कंप

कोरबा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोरबा द्वारा 21 जुलाई 2025 को रात 9:58 बजे GEM पोर्टल पर जारी किया गया करीब 10 करोड़ रुपये का टेंडर (Bid No: GEM/2025/B/6479294) अब गंभीर विवादों में घिर गया है। यह टेंडर शासकीय स्कूलों के लिए 6400 नग डेस्क-बेंच की खरीदी हेतु जारी किया गया था, लेकिन इसमें इतनी तकनीकी खामियां और मनमानी शर्तें सामने आई हैं कि पूरा मामला संभावित घोटाले की आशंका में उलझ गया है।

आधी रात का टेंडर, सवालों में प्रक्रिया

जिस समय अधिकतर शासकीय कार्यालय बंद हो जाते हैं, ठीक उसी समय—रात 9:58 बजे—टेंडर जारी किया गया। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब शिक्षा विभाग रात को काम करने लगा है या यह सब एक पूर्वनियोजित सेटअप था, ताकि सीमित लोगों को ही इसका फायदा मिल सके?

साइज-मटेरियल नहीं तय, सप्लायर्स में भ्रम

टेंडर में डेस्क-बेंच की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई जैसी बुनियादी जानकारियाँ नहीं दी गई हैं। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि “Mild Steel” किस श्रेणी का होगा — CR Pipe या MS Angle? इस तरह की अस्पष्टता निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।

तीन दिन में सैंपल? नियमों की धज्जियां!

टेंडर जारी होते ही सिर्फ 3 दिन के भीतर सैंपल जमा करने की अनिवार्यता रखी गई है, जो छत्तीसगढ़ के भंडार क्रय नियमों का सीधा उल्लंघन है। क्या इतने बड़े टेंडर के लिए सिर्फ पहले से तैयार ठेकेदारों को ही मौका दिया गया?

टेस्ट की मांग, लेकिन किस चीज़ का?

ATC के बिंदु क्रमांक 19 में टेस्ट और कैलीब्रेशन सर्टिफिकेट मांगा गया है, पर यह नहीं बताया गया कि किन वस्तुओं का टेस्ट होना चाहिए। इससे लगता है कि गुणवत्ता की नहीं, बल्कि भ्रम की स्थिति बनाई गई है।

MSME और Startups को बाहर रखने की साजिश?

जहां केंद्र सरकार स्टार्टअप्स और MSMEs को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं इस टेंडर में इन्हें कोई छूट नहीं दी गई। यानी स्पष्ट रूप से लोकल और छोटे उद्योगों को बाहर रखने की कोशिश की गई है।

डिजिटल प्रक्रिया में स्पीड पोस्ट की शर्त?

GEM पोर्टल पूरी तरह डिजिटल प्रणाली है, इसके बावजूद सभी जरूरी दस्तावेजों को स्पीड पोस्ट से भेजने की शर्त रखी गई। यह बाहर के योग्य विक्रेताओं को हतोत्साहित करने का हथकंडा माना जा रहा है।

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