कोरबा मेडिकल कॉलेज में शर्मनाक लापरवाही’ स्टाफ गायब, घायल दोस्त की ड्रेसिंग करने को मजबूर हुआ युवक; वीडियो वायरल
कोरबा | शनिवार, 9 मई 2026 औद्योगिक नगरी कोरबा के शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। अस्पताल के ड्रेसिंग रूम में स्टाफ न होने के कारण एक घायल मरीज के दोस्त को खुद ही पट्टियाँ और मरहम लगानी पड़ी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और जिला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम एक युवक अपने घायल दोस्त को लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचा था। डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद मरीज को ड्रेसिंग के लिए ड्रेसिंग रूम में भेज दिया।
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घंटों इंतज़ार: पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वे काफी देर तक ड्रेसिंग रूम के बाहर स्टाफ का इंतज़ार करते रहे, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था।
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मजबूरी में उठाई पट्टी: मरीज दर्द से कराह रहा था और खून बह रहा था। जब वार्ड बॉय या ड्रेसर का कहीं पता नहीं चला, तो युवक ने खुद ही ड्रेसिंग का सामान उठाया और अपने दोस्त के घावों को साफ कर पट्टी बांधी।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटना का वीडियो वहां मौजूद अन्य लोगों ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक आम नागरिक प्रोफेशनल ड्रेसर की तरह पट्टी बांध रहा है, जबकि अस्पताल का संबंधित स्टाफ वहां से नदारद है। यूजर्स इस पर कमेंट करते हुए लिख रहे हैं कि “जब सब कुछ खुद ही करना है, तो करोड़ों रुपये का मेडिकल कॉलेज किस काम का?”
प्रबंधन की सफाई: जांच की औपचारिकता शुरू
वीडियो वायरल होने और मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है।
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नोटिस जारी: अस्पताल अधीक्षक ने संबंधित शिफ्ट के ड्यूटी ड्रेसर और वार्ड बॉय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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जांच कमेटी: प्रबंधन ने दावा किया है कि इस बात की जांच की जा रही है कि उस समय स्टाफ अपनी सीट से क्यों गायब था।
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कड़ी कार्रवाई का दावा: प्रबंधन का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना न दोहराई जाए।
अस्पताल में सुविधाओं का टोटा
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह कोई पहली घटना नहीं है। अक्सर स्टाफ की कमी या उनके कार्यस्थल से नदारद रहने की शिकायतें आती रहती हैं। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, और अब इस वायरल वीडियो ने व्यवस्था की “ड्रेसिंग” की जरूरत महसूस करा दी है।









