‘बंगाल का गौरव लौटाएंगे’ मुख्यमंत्री बनते ही एक्शन मोड में शुभेंदु अधिकारी, जोरसांको ठाकुरबाड़ी में टेका माथा
कोलकाता | शनिवार, 9 मई 2026 पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पुनर्निर्माण का एलान किया है। शनिवार दोपहर कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में भव्य समारोह के बाद, मुख्यमंत्री सीधे रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक निवास जोरसांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे। यहाँ उन्होंने कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्पष्ट किया कि उनके शासन का मुख्य एजेंडा बंगाल की खोई हुई सांस्कृतिक और शैक्षिक गरिमा को वापस लाना है।
‘आलोचना का नहीं, काम का समय’
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “आज का दिन सिर्फ बंगाल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है। बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा और संस्कृति का बहुत नुकसान हुआ है। अब हमें इसे मिलकर फिर से बनाना है। यह समय एक-दूसरे की आलोचना करने का नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का है।”
सरकारी कामकाज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शुरुआत
शुभेंदु अधिकारी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत के लिए बेहद प्रतीकात्मक रास्ता चुना:
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टैगोर को नमन: जोरसांको ठाकुरबाड़ी में प्रार्थना के बाद उन्होंने कहा कि वह “कविगुरु” के आशीर्वाद के साथ आधिकारिक कामकाज शुरू करना चाहते हैं।
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख: उन्होंने कहा कि ध्रुती-पांजाबी (धोती-कुर्ता) पहनने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने वाली उनकी पार्टी को किसी से ‘सर्टिफिकेट’ की जरूरत नहीं है।
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नया संदेश: उन्होंने स्वामी विवेकानंद के मंत्र “चरैवेति, चरैवेति” (आगे बढ़ते रहो) का आह्वान करते हुए लोगों से बंगाल के नवनिर्माण में जुड़ने की अपील की।
ममता बनर्जी को हराकर पहुंचे सत्ता के शिखर पर
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में न केवल नंदीग्राम बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में भी उन्हें 15,115 वोटों के अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा ने राज्य की 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है।
पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ
शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभेंदु अधिकारी को गले लगाकर बधाई दी। पीएम ने इस जीत को बंगाल में ‘भय’ (Bhoi) के अंत और ‘भरोसा’ (Bharosa) की शुरुआत बताया। मुख्यमंत्री के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निशीथ प्रमाणिक जैसे दिग्गज नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।









