CG News : हिड़मा-देवा के गढ़ से कर्रेगुट्टा तक तिरंगे का सफर, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
CG News : नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में अब तिरंगे के साथ एक नया संदेश देने की कोशिश की जा रही है। भाजपा की ओर से आयोजित 3 दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा की शुरुआत आज नारायणपुर से हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में बाइकर्स शामिल हुए हैं। ये बाइकर्स उन इलाकों से तिरंगा लेकर गुजर रहे हैं, जिन्हें कभी नक्सली गतिविधियों का गढ़ माना जाता था।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ रास्तों की जांच की जा रही है।
नक्सली गढ़ में तिरंगे का संदेश
बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों का प्रभाव रहा, वहां अब तिरंगा यात्रा के जरिए शांति और लोकतंत्र का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा में शामिल बाइकर्स तिरंगा लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
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हिड़मा और देवा जैसे नक्सली कमांडरों के प्रभाव वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली इस यात्रा को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजकों का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सामान्य स्थिति और राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाना बताया गया है।
नारायणपुर से शुरू हुई यात्रा
तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत नारायणपुर से की गई। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, बाइकर्स और समर्थक शामिल हुए। यात्रा के दौरान प्रतिभागी तिरंगा लेकर निर्धारित मार्गों से आगे बढ़ रहे हैं।
आयोजन के दौरान देशभक्ति के नारों और तिरंगे के साथ लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के अगले चरण में यह बस्तर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरेगी।
मेटल डिटेक्टर से रास्तों की जांच
संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबलों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा के मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा जांच की जा रही है। कई स्थानों पर मेटल डिटेक्टर से रास्तों की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।
सुरक्षा बल यात्रा के पूरे मार्ग पर निगरानी रख रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
कर्रेगुट्टा तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा
यात्रा का उद्देश्य बस्तर के उन इलाकों तक तिरंगे का संदेश पहुंचाना है, जहां लंबे समय तक नक्सल हिंसा का प्रभाव रहा। कर्रेगुट्टा सहित संवेदनशील क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है।
आयोजकों का कहना है कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से बस्तर में शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास का संदेश दिया जा रहा है।









