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कोरबा में भालू का हमला’ महिला और 14 साल की किशोरी घायल, मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगल के भीतर भालू के हमले की घटना सामने आई है। वनांचल ग्राम डीडासरई-देवपहरी के जंगल में अचानक हुए भालू के हमले में एक महिला और 14 वर्षीय किशोरी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों की पहचान 50 वर्षीय मूल्यारो बाई और 14 वर्षीय समारी बाई के रूप में बताई जा रही है। दोनों को तत्काल शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

जंगल में अचानक सामने आया भालू

जानकारी के मुताबिक, महिला और किशोरी जंगल क्षेत्र में थीं। इसी दौरान अचानक उनका सामना भालू से हो गया। इससे पहले कि वे कुछ समझ पातीं, भालू ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से दोनों घायल हो गईं।

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भालू के हमले में दोनों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आई हैं। कुछ जख्म गहरे बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ चोटें मामूली हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों को जानकारी मिली, जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना के बाद घायल मूल्यारो बाई और समारी बाई को शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा लाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का उपचार किया जा रहा है।

चिकित्सकीय उपचार के बाद दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि, भालू के हमले से शरीर पर आई चोटों को देखते हुए डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

वन क्षेत्र में दहशत का माहौल

घटना के बाद डीडासरई-देवपहरी और आसपास के वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। जंगल में जंगली जानवरों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीण पहले से सतर्क रहते हैं। भालू के हमले की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग की टीम इलाके में निगरानी बढ़ाए और लोगों को जंगल की ओर जाने के दौरान आवश्यक सावधानियों की जानकारी दे।

वन विभाग की निगरानी जरूरी

वन क्षेत्रों में बारिश के मौसम के दौरान जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में ग्रामीणों को जंगल में अकेले जाने से बचने और किसी भी जंगली जानवर के दिखाई देने पर उसके करीब नहीं जाने की सलाह दी जाती है।

वन विभाग की टीम घटना की जानकारी जुटाकर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा सकती है। ग्रामीणों से भी अपील की जाती है कि जंगल में किसी जंगली जानवर की मौजूदगी नजर आने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

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