• nagardarpannews

4,368 गांवों में पहुंचेगी नियमित बस सेवा, शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार तक आसान होगी पहुंच

रायपुर। CG Rural Bus Service: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के दूसरे चरण का विस्तार किया जा रहा है। इस चरण में आठ जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों में आने वाले 85 आदिवासी विकासखंडों को शामिल किया गया है।

योजना के तहत नियमित बस सेवा से वंचित 4,368 गांवों को परिवहन सुविधा से जोड़ने की तैयारी है। सरकार को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में दिसंबर 2026 तक बस सेवा शुरू हो सकती है। इससे करीब 14.57 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। दूसरे चरण में 60 से 80 बसों के संचालन का प्रस्ताव है।

इन 8 जिलों के गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के दूसरे चरण में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालोद, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कोरबा और धमतरी जिले शामिल किए गए हैं।

इन जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों में आने वाले ऐसे गांवों को बस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जहां अभी नियमित यात्री बस सेवा उपलब्ध नहीं है। योजना से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

एक साल में 850 गांवों तक पहुंची बस सेवा

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरुआत 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर से हुई थी। शुरुआत में 34 मार्गों पर बस संचालन शुरू किया गया था और करीब 250 गांवों को जोड़ा गया था।

एक साल के भीतर योजना का विस्तार करते हुए अब 106 चयनित मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनके जरिए करीब 850 ऐसे गांवों तक नियमित यात्री बस सेवा पहुंच चुकी है, जहां पहले यह सुविधा नहीं थी।

5,300 किलोमीटर के रूट पर दौड़ रही बसें

योजना के तहत संचालित बसों ने एक साल में करीब 24 लाख किलोमीटर की दूरी तय की है। वर्तमान में बसें प्रतिदिन लगभग 17,500 किलोमीटर चल रही हैं।

योजना के तहत अधिसूचित मार्गों की कुल लंबाई करीब 5,300 किलोमीटर है। इन मार्गों की लंबाई 14 किलोमीटर से लेकर 105 किलोमीटर तक है। अधिकांश रूट पर प्रतिदिन दो ट्रिप संचालित की जा रही हैं।

बस्तर और सरगुजा संभाग में 107 बसों का संचालन

योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को शामिल किया गया था। वर्तमान में बस्तर संभाग में 51 मार्गों पर 50 बसें और सरगुजा संभाग में 55 मार्गों पर 57 बसें संचालित हो रही हैं।

बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जिलों में बस सेवा पहुंचाई गई है। वहीं सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों में भी ग्रामीण बसों का संचालन हो रहा है।

कोंटा-जगरगुंडा रूट पर भी मिली राहत

योजना के तहत कोंटा से जगरगुंडा तक करीब 83 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी बस सेवा शुरू की गई है। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण यहां पहले लोगों के पास आवागमन के सीमित साधन थे। नियमित बस सेवा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही आसान हुई है।

दिसंबर तक 4,368 गांवों को जोड़ने की तैयारी

दूसरे चरण में शामिल 4,368 गांवों में बस सेवा शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जिला और ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। खासतौर पर आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान कर सकती है।

सरकार का लक्ष्य है कि योजना के विस्तार के जरिए उन इलाकों को भी सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाए, जहां निजी या नियमित बस सेवाएं बेहद सीमित हैं।

ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही योजना: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना के एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने का समान अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक ग्रामीण बस सेवा सिर्फ परिवहन सुविधा बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम भी है। बस सेवा के विस्तार से ग्रामीणों के लिए स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान होगा।

About The Author