CM Sai ने लॉन्च किया ‘कोशल फैब’, छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को मिलेगा नया बाजार, रैंप पर दिखा नारी सशक्तिकरण

CM Sai’ रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा और बुनकरों को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के अपने हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ को लॉन्च किया। इस मौके पर प्रदेश के पारंपरिक वस्त्रों और हस्तशिल्प उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।

‘लोकल टू ग्लोबल’ पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा और बस्तर की पारंपरिक बुनाई प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। इन उत्पादों की देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाने की क्षमता है। सरकार का उद्देश्य हथकरघा उत्पादों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

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आधुनिक डिजाइन और ब्रांडिंग पर जोर

सरकार की ओर से बुनकरों के कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, आधुनिक डिजाइन, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ‘कोशल फैब’ के माध्यम से पारंपरिक कपड़ों और हथकरघा उत्पादों को आधुनिक फैशन और बदलती बाजार जरूरतों के अनुरूप पेश करने की कोशिश की जाएगी।

रैंप पर दिखा छत्तीसगढ़ी हथकरघा का अंदाज

कार्यक्रम में पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को नए अंदाज में प्रस्तुत किया गया। खास आकर्षण उन महिलाओं का फैशन शो रहा, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। सरेंडर महिलाओं ने रैंप पर हथकरघा से तैयार परिधानों को पहनकर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। इस पहल को महिला सशक्तिकरण और पुनर्वास से जोड़कर देखा गया।

बुनकरों को मिलेगा नया बाजार

सरकार का लक्ष्य प्रदेश के बुनकरों को बेहतर बाजार और उनके उत्पादों का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। इसके लिए नए बाजारों की तलाश, उत्पादों की ब्रांडिंग और आधुनिक मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्थानीय कारीगरों और बुनकरों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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