छत्तीसगढ़ में DJ-लाउडस्पीकर पर कसता शिकंजा, High Court’ में सरकार ने नियमों को लेकर पेश किया बड़ा अपडेट
Chhattisgarh High Court
High Court’ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में तेज आवाज में बजने वाले डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) पर जल्द ही सख्ती बढ़ सकती है। ध्वनि प्रदूषण को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से नियमों में किए जा रहे संशोधनों की जानकारी मांगी। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया कि कोलाहल अधिनियम (Noise Control Rules) में संशोधन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही नए एवं अधिक सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
हाईकोर्ट ने त्योहारों के नजदीक आने का हवाला देते हुए सरकार को इस दिशा में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई में संशोधन की ताजा प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है।
त्योहारों से पहले नियमों पर हाईकोर्ट की नजर
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आने वाले महीनों में गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और अन्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन होंगे। ऐसे अवसरों पर डीजे और लाउडस्पीकर का व्यापक उपयोग होता है, जिससे कई बार ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें सामने आती हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य और शांति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसलिए नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सरकार ने बताया- संशोधन की प्रक्रिया जारी
राज्य शासन की ओर से अदालत को जानकारी दी गई कि कोलाहल अधिनियम और संबंधित नियमों में संशोधन का कार्य जारी है। प्रस्तावित बदलावों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, अनुमति प्रक्रिया, निर्धारित समय सीमा और ध्वनि स्तर के पालन को लेकर कड़े प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि संशोधित नियम लागू होने के बाद उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
ध्वनि प्रदूषण रोकने पर रहेगा विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार नए नियमों का उद्देश्य केवल डीजे पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों, रिहायशी इलाकों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निर्धारित ध्वनि सीमा का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
इसके अलावा बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग और तय समय के बाद तेज आवाज में डीजे बजाने पर भी कार्रवाई के प्रावधान और प्रभावी किए जा सकते हैं।









