खेल-खेल में उजड़ गईं खुशियां, गले में फंसा गमछा, 10 साल की मासूम की दर्दनाक मौत

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। बालको थाना क्षेत्र के सतनाम नगर में खेलते-खेलते एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई। बताया जा रहा है कि खेल के दौरान बच्ची के गले में गमछा फंस गया, जिससे उसका दम घुटने लगा। परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

खेलते समय हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, सतनाम नगर में रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची घर के आसपास खेल रही थी। इसी दौरान किसी कारणवश उसके गले में गमछा फंस गया। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और बच्ची को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।

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घटना के तुरंत बाद बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई जीवन की डोर

परिजन बिना समय गंवाए बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, दम घुटने की वजह से बच्ची की मौत हुई। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर बालको थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हादसा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकें।

इलाके में पसरा मातम

मासूम बच्ची की असमय मौत से पूरे सतनाम नगर में शोक की लहर है। पड़ोसी और स्थानीय लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। किसी ने भी नहीं सोचा था कि खेलते-खेलते एक छोटी सी लापरवाही इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों के खेल के दौरान अभिभावकों को विशेष निगरानी रखनी चाहिए। गले में लपेटे जाने वाले कपड़े, रस्सियां, दुपट्टे, गमछे या अन्य वस्तुएं कई बार गंभीर हादसों का कारण बन सकती हैं। बच्चों को सुरक्षित माहौल में खेलने के लिए प्रेरित करना और संभावित जोखिम वाली वस्तुओं से दूर रखना बेहद जरूरी है।

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