आधार कार्ड की जन्मतिथि को अंतिम मानने से इनकार, High Court’ ने अन्य दस्तावेजों को भी जरूरी बताया

High Court’ रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा मामलों में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि आधार कार्ड में दर्ज उम्र को अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुआवजा तय करते समय दावा अधिकरण (MACT) को रिकॉर्ड में उपलब्ध सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का समग्र मूल्यांकन करना होगा।

यह फैसला उन मामलों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां दुर्घटना पीड़ित या मृतक की उम्र को लेकर अलग-अलग दस्तावेजों में भिन्न जानकारी दर्ज होती है और उसी के आधार पर मुआवजे की राशि प्रभावित होती है।

क्या कहा हाई कोर्ट ने?

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आधार कार्ड मुख्य रूप से पहचान के उद्देश्य से जारी किया जाता है। इसमें दर्ज जन्मतिथि या उम्र कई बार स्वयं घोषित जानकारी के आधार पर होती है। इसलिए केवल आधार कार्ड को आधार बनाकर उम्र तय करना उचित नहीं होगा।

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कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल को निम्न दस्तावेजों पर भी विचार करना चाहिए:

  • स्कूल या बोर्ड की अंकसूची,

  • जन्म प्रमाण पत्र,

  • चिकित्सा रिकॉर्ड,

  • मतदाता पहचान पत्र,

  • सेवा पुस्तिका या सरकारी अभिलेख,

  • और अन्य विश्वसनीय दस्तावेज।

ट्रिब्यूनल के आदेश में संशोधन

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी कि ट्रिब्यूनल ने केवल आधार कार्ड में दर्ज उम्र के आधार पर मुआवजे की गणना कर दी, जबकि रिकॉर्ड में अन्य दस्तावेज मौजूद थे जिनमें अलग उम्र दर्ज थी। हाई कोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मुआवजे की गणना में उम्र का सही निर्धारण बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी के आधार पर मल्टीप्लायर तय किया जाता है।

कोर्ट ने संबंधित ट्रिब्यूनल के आदेश में हस्तक्षेप करते हुए मामले पर पुनर्विचार के निर्देश दिए हैं।

क्यों अहम है यह फैसला?

मोटर दुर्घटना दावा मामलों में पीड़ित की उम्र कम होने पर भविष्य की आय और आश्रितों की हानि को देखते हुए अधिक मुआवजा मिल सकता है। वहीं उम्र अधिक होने पर मुआवजे की राशि कम हो जाती है। ऐसे में गलत उम्र दर्ज होने से पीड़ित पक्ष को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भविष्य में ट्रिब्यूनल केवल आधार कार्ड पर निर्भर नहीं रहेंगे और अधिक सावधानी से दस्तावेजों की जांच करेंगे।

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