महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान: ‘मोटो क्वींस एडवेंचर’ की बाइक राइड पहुंची बारनवापारा, दिया पर्यटन और सुरक्षा का संदेश
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां महिलाओं के संगठित बाइकर्स ग्रुप “मोटो क्वींस एडवेंचर” ने रायपुर से बारनवापारा अभ्यारण्य तक रोमांचक यात्रा कर एक नई पहचान बनाई है। इस अभियान में 18 महिला बाइकर्स शामिल हुईं, जिन्होंने सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर यह साबित किया कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं।
इस विशेष राइड को कवर करने ईटीवी भारत की टीम भी बारनवापारा अभ्यारण्य पहुंची, जहां महिला बाइकर्स ने अपने अनुभव साझा किए। इस ग्रुप की संस्थापक कांकेर निवासी वनिका (वाणी) पिल्लई ने बताया कि इस पहल की शुरुआत उनकी नेपाल की सोलो बाइक यात्रा से हुई। नवंबर-दिसंबर 2025 में उन्होंने अकेले कांकेर से नेपाल तक का सफर तय किया था, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी।
नेपाल यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके अनुभवों से प्रेरित होकर कई महिलाओं ने उनसे संपर्क किया और इसी से “मोटो क्वींस एडवेंचर” की नींव पड़ी। आज इस ग्रुप में छात्राएं, गृहिणियां और विभिन्न पेशों से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे आ रही हैं।
इस यात्रा की खास बात यह रही कि इसमें शामिल अधिकांश महिलाएं अपने परिवार और जिम्मेदारियों को निभाने के बाद इस एडवेंचर का हिस्सा बनीं। शुरुआत में परिवार की चिंता के बावजूद अब उनके हौसले को सराहा जा रहा है। महिला बाइकर्स का कहना है कि यह केवल एक राइड नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव का अभियान है।
वनिका पिल्लई का मानना है कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं से भरपूर है, लेकिन इसे राष्ट्रीय स्तर पर वह पहचान नहीं मिल पाई है जिसकी यह हकदार है। इस अभियान के माध्यम से वे राज्य के पर्यटन स्थलों को देशभर में पहचान दिलाने का प्रयास कर रही हैं।
साथ ही यह समूह सड़क सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता फैला रहा है। सभी सदस्य हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दे रही हैं।
बारनवापारा अभ्यारण्य पहुंचकर महिला बाइकर्स ने जंगल सफारी और वन्यजीव संरक्षण को करीब से जाना। उनका कहना है कि इको टूरिज्म न केवल प्रकृति से जुड़ने का माध्यम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास का भी महत्वपूर्ण जरिया है।









