एनटीपीसी कोरबा ने बालिका सशक्तिकरण अभियान 2026 के तहत GEM 7.0 का शुभारंभ किया, 122 बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम…..
एनटीपीसी कोरबा ने अपने प्रमुख सामुदायिक विकास कार्यक्रम बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM 7.0) के सातवें संस्करण का शुभारंभ करते हुए बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत की।चार सप्ताह की पूर्णतः आवासीय इस कार्यशाला का उद्घाटन श्री किशोर चंद्र पात्रा, परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी कोरबा द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारीगण, मैत्री महिला समिति की सदस्याएँ, सीआईएसएफ प्रतिनिधि, कर्मचारी, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, अभिभावक तथा स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।

एनटीपीसी लिमिटेड की नैगम सामाजिक दायित्व पहल के अंतर्गत आयोजित GEM 7.0 का उद्देश्य 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को समग्र विकास एवं आत्मविश्वास निर्माण के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है।
इस वर्ष कोरबा क्षेत्र की 122 बालिकाओं ने इस कार्यक्रम में नामांकन कराया है, जो इस पहल के प्रति समुदाय के बढ़ते विश्वास और सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण समारोह से हुई, जिसमें श्री किशोर चंद्र पात्रा ने सभी प्रतिभागियों को GEM किट वितरित कर उन्हें इस परिवर्तनकारी अवसर का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर को और विशेष बनाते हुए मैत्री महिला समिति ने भी बालिकाओं के लिए विशेष किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया, जिससे प्रतिभागियों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी और समिति की सामाजिक सेवा एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता पुनः प्रदर्शित हुई।

उद्घाटन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। साथ ही पूर्व GEM प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम ने उनके आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और संप्रेषण कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रेरणादायक कहानियों ने नव-नामांकित बालिकाओं को उत्साह से भर दिया।
अपने संबोधन में श्री किशोर चंद्र पात्रा ने GEM को एक परिवर्तनकारी मंच बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और बड़े सपने देखने का साहस विकसित करता है। उन्होंने बालिकाओं को उत्साहपूर्वक सीखने, निडर होकर सपने देखने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक बालिका की शिक्षा और सशक्तिकरण केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को मजबूत बनाता है।
आगामी चार सप्ताहों के दौरान प्रतिभागियों को शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण, कंप्यूटर शिक्षा, योग, खेलकूद, आत्मरक्षा, कला, संगीत, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, संचार कौशल, समय प्रबंधन, नेतृत्व विकास तथा व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।









