आईटीआर फाइलिंग होगी और सरल, स्मार्ट और डिजिटल—अप्रैल 2026 से लागू होगा नया आयकर कानून: प्रीति अग्रवाल

सरकार ने आयकरदाताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है—अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है, जिससे आईटीआर फाइलिंग का अनुभव न सिर्फ पहले से बहुत आसान होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक स्मार्ट और डिजिटल बन जाएगी। नए कानून के साथ ही आयकर विभाग सभी करदाताओं को प्री-फिल्ड (पहले से भरे हुए) स्मार्ट फॉर्म्स, ताजा टैक्स स्लैब और क्लीनर टैक्स फ्रेमवर्क के साथ सहज सुविधा देगा। अब टैक्सपेयर्स को अपने बहुत से व्यक्तिगत विवरण खुद से भरने की जरूरत नहीं रहेगी—सिस्टम द्वारा आपकी मुख्य जानकारियाँ स्वतः फॉर्म में जुड़ जाएँगी, जिससे गलती या भूल की संभावना कम होगी।

भारत में दशक पुराना आयकर अधिनियम, 1961 अब हटकर नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसे संसद की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल चुकी है। इस कानून के तहत टैक्स नियमों और प्रावधानों को सरल, कम शब्दों में, और ज्यादा स्पष्ट तरीके से लिखा गया है, जिससे किसी भी आय वर्ग के लिए नियमों की पेचीदगी दूर हो सके। नए कानून में काफी पुराने, अनावश्यक या कठिन धाराओं-प्रावधानों को हटाया गया है, जिससे टैक्स नियमों का समझना व पालन दोनों आसान हों।

नई व्यवस्था में टैक्स फॉर्म के अध्याय, सेक्शन और भाषाई बोझ काफी कम कर दिए गए हैं—साथ ही इसमें डिजिटल डेटा प्राइवेसी, स्मार्ट ऑटो-वेरिफिकेशन, सरल टैक्स स्लैब और त्वरित रिफंड प्रोसेस के लिए भी जगह दी गई है। इन्हीं बदलावों के चलते आईटीआर फाइल करना अब एक झंझट या बड़े एक्सपर्ट का काम नहीं रहेगा; आम करदाता भी मोबाइल या लैपटॉप से आसानी से अपनी टैक्स जिम्मेदारी निभा सकेगा।

The Finocrats की मानें तो ये कदम टैक्स कम्प्लायंस को बढ़ाएंगे और डिजिटल इंडिया विजन को मजबूत करेंगे—साथ ही टैक्स भरने में पारदर्शिता, तेज रिफंड और त्रुटि रहित डेटा सुनिश्चित होगा। अब अप्रैल 2026 से हर टैक्सपेयर्स के लिए ITR भरना न सिर्फ किफायती, सुलभ, बल्कि सटीक और स्मार्ट भी होगा।

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