डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, कोरबा में महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर वैदिक हवन एवं प्रेरणादायी समारोह का भव्य आयोजन

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, कोरबा में आज डीएवी संस्था के संस्थापक, महान समाज सुधारक एवं वैदिक विचारधारा के अग्रदूत महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में भव्य वैदिक हवन का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी, समस्त शिक्षकगण एवं सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राएँ श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। हवन के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्तिभाव से ओत-प्रोत हो उठा। सभी ने आहुति अर्पित कर महर्षि दयानंद सरस्वती जी के आदर्शों—सत्य, शिक्षा, नैतिकता और समाज सुधार—को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
हवन के पश्चात कक्षा सप्तम की दो प्रतिभाशाली छात्राओं ने स्वामी दयानंद सरस्वती जी के जीवन एवं विचारों पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। सर्वप्रथम कक्षा सातवीं की छात्रा त्रिशा कुर्रे ने महर्षि जी के जीवन संघर्ष, उनकी जिज्ञासु प्रवृत्ति एवं वेदों के प्रति उनकी अटूट आस्था पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत कक्षा सातवीं की ही छात्रा अनन्या ने उनके समाज सुधार के प्रयासों, कुरीतियों के विरोध तथा राष्ट्र एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान का अत्यंत प्रेरणादायक वर्णन किया। दोनों छात्राओं के वक्तव्यों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद सरस्वती जी अत्यंत जिज्ञासु एवं सत्य की खोज में निरंतर प्रयत्नशील रहने वाले महापुरुष थे। उन्होंने समाज को अंधविश्वासों से मुक्त करने, वेदों के प्रचार-प्रसार तथा शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का जो महान कार्य किया, वह सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्राचार्य मुखर्जी ने यह भी उल्लेख किया कि स्वामी जी के विचारों का प्रभाव स्वतंत्रता संग्राम की चेतना में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे अपने जीवन का लक्ष्य उच्च रखें, सत्य के मार्ग पर चलें तथा डीएवी संस्था के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। समस्त विद्यालय परिवार ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी के आदर्शों को जीवन में उतारने एवं उनके द्वारा स्थापित डीएवी संस्था की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने का भी सशक्त अवसर सिद्ध हुआ।

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