Cashfree Payments का लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026 तक 100 ऋणदाताओं के लिए AI-बेस्ड वीडियो KYC सॉल्यूशन: प्रीति अग्रवाल

बेंगलुरु स्थित फिनटेक कंपनी Cashfree Payments ने घोषणा की है कि वह अपने AI-आधारित वीडियो केवाईसी (Video KYC) सॉल्यूशन को वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक 100 ऋणदाताओं (लेंडर्स) तक पहुंचाना चाहती है। कंपनी खास तौर पर आरबीआई द्वारा विनियमित एनबीएफसी, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं को टारगेट कर रही है, ताकि डिजिटल ऑनबोर्डिंग के दौरान कस्टमर कन्वर्ज़न रेट बढ़ाया जा सके और वेटिंग टाइम कम किया जा सके।

Cashfree Payments के को-फाउंडर रीजू दत्ता ने बताया कि उनका वीडियो केवाईसी सॉल्यूशन फिलहाल चार लेंडर्स के साथ काम कर रहा है, जिसे बढ़ाकर 100 तक ले जाने का लक्ष्य है। यह तकनीक टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी कम बैंडविड्थ (150 kbps) पर आसानी से काम करती है और स्मार्ट OCR जैसी सुविधाओं से लैस है, जिससे यूजर को कम समय में और कम विघ्न के साथ केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

कंपनी का दावा है कि उनका वीडियो केवाईसी सॉल्यूशन 80% तक कन्वर्ज़न रेट देता है, जो इंडस्ट्री एवरेज 50% से काफी अधिक है। साथ ही, VKYC प्रक्रिया को 8-10 मिनट के औसत समय से घटाकर 3 मिनट से भी कम में पूरा किया जा सकता है। AI आधारित एजेंट शेड्यूलिंग और स्मार्ट क्यू मैनेजमेंट से वेटिंग टाइम 1 मिनट से भी कम हो जाता है, जिससे ग्राहक अनुभव बेहतर होता है और ड्रॉप-ऑफ रेट घटता है।

Cashfree Payments का यह कदम डिजिटल लेंडिंग, बैंकिंग और बीमा सेक्टर में तेज, सुरक्षित और आसान ग्राहक ऑनबोर्डिंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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