‘वंदे मातरम्’ पर कांग्रेस और BJP आमने-सामने, जेपी नड्डा ने Rahul Gandhi’ को घेरा

Rahul Gandhi’ नई दिल्ली। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर घिर गई है और अब संभावित फजीहत से बचने के लिए नया राजनीतिक ड्रामा किया जा रहा है।

वंदे मातरम् को लेकर बढ़ा सियासी विवाद

‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा ऐतिहासिक गीत है। इसे लेकर समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। मौजूदा विवाद के बीच भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

कोरबा में रफ्तार का कहर: कार ने 4 गौवंश को मारी टक्कर, बुधवारी बायपास पर ई-रिक्शा भी पलटा

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस को राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। इसी क्रम में जेपी नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोला है।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर असहज स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फजीहत से बचने के लिए राहुल गांधी की ओर से नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।

नड्डा के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला और तेज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विषयों पर राजनीति के बजाय स्पष्ट विचार सामने रखने चाहिए।

कांग्रेस से जवाब की मांग

भाजपा की ओर से कांग्रेस से ‘वंदे मातरम्’ को लेकर उसका रुख स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।

वहीं, कांग्रेस की ओर से इस पूरे विवाद पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी के चलते यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।

राष्ट्रीय गीत से जुड़ा रहा है ऐतिहासिक महत्व

‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में राष्ट्रवादी भावना को मजबूत करने में भूमिका निभाई थी। यही वजह है कि आज भी यह गीत देश की राजनीतिक और सामाजिक चर्चा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

मौजूदा विवाद ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों और उनके राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर बहस छेड़ दी है।

About The Author