कोरबा में खारुन नदी में बहा ग्रामीण, दूसरे दिन मिला शव’ 500 मीटर दूर झाड़ियों में मिली लाश
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच खारुन नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। नदी के तेज बहाव में बहा 45 वर्षीय ग्रामीण गेंदलाल दूसरे दिन मृत अवस्था में मिला। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह वह नदी किनारे गुड़ाखू करने के लिए गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह अचानक नदी के तेज बहाव में जा गिरा। घटना के बाद से उसकी तलाश की जा रही थी।
नदी किनारे गया था ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, गेंदलाल बुधवार सुबह अपने घर से निकलकर खारुन नदी के किनारे गया था। इसी दौरान नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और पानी का बहाव भी काफी तेज था। नदी किनारे मौजूदगी के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया।
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पैर फिसलते ही गेंदलाल नदी के पानी में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह देखते ही देखते पानी में बह गया। घटना की सूचना तुरंत परिजनों और स्थानीय लोगों को दी गई।
तेज बहाव में बह गया था ग्रामीण
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने नदी के आसपास उसकी तलाश शुरू की। बाद में पुलिस और रेस्क्यू टीम को भी सूचना दी गई। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश अभियान में काफी मुश्किलें आईं।
परिजन भी अपने स्तर पर नदी के किनारे और आसपास के इलाकों में ग्रामीण की तलाश करते रहे। रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
दूसरे दिन झाड़ियों में मिला शव
गुरुवार सुबह तलाश अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में गेंदलाल का शव मिला। शव मिलने की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
रेस्क्यू टीम और पुलिस ने शव को बाहर निकाला। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की गई।
लगातार बारिश से नदी का बढ़ा बहाव
कोरबा जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई स्थानों पर पानी का बहाव सामान्य से अधिक तेज हो गया है। ऐसे में नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने में खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जाती है कि बारिश के दौरान उफनती नदियों और नालों के करीब जाने से बचें।
परिवार में पसरा मातम
गेंदलाल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने भी घटना पर दुख जताया है। बारिश के मौसम में हुई इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।









