IGKV में पेपर लीक से हड़कंप, B.Sc. सेकंड ईयर का एग्जाम कैंसिल’ जांच के लिए कमेटी बनी

IGKV रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में कथित प्रश्नपत्र लीक की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। B.Sc. द्वितीय वर्ष के Pest Management in Crops and Stored Grains-I (AENT 221) विषय की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।

प्रश्नपत्र लीक की शिकायत के बाद कार्रवाई

विश्वविद्यालय में B.Sc. द्वितीय वर्ष की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत सामने आई थी। बताया गया कि परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की जानकारी मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ा।

CG Crime : बात नहीं करने से नाराज युवक ने महिला पर फेंका एसिड, कांवड़ यात्रा में दो मासूम भी झुलसे

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया। प्रशासन के इस निर्णय के बाद अब परीक्षा को दोबारा आयोजित किए जाने की प्रक्रिया पर आगे फैसला लिया जाएगा।

AENT 221 की परीक्षा हुई रद्द

जिस परीक्षा को रद्द किया गया है, वह Pest Management in Crops and Stored Grains-I (AENT 221) विषय की थी। यह B.Sc. द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण विषय है।

परीक्षा रद्द होने के बाद विद्यार्थियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। छात्रों की नजर अब विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली घोषणा पर है कि परीक्षा की नई तारीख कब तय की जाएगी।

पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति प्रश्नपत्र की गोपनीयता, उसके प्रसार और परीक्षा से पहले कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी।

जांच समिति से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

दोषियों पर हो सकती है कार्रवाई

यदि जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि होती है और किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन यह भी पता लगाने का प्रयास करेगा कि प्रश्नपत्र की गोपनीयता में चूक किस स्तर पर हुई।

मामले की जांच के दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित रखने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है।

About The Author