• nagardarpannews

CG News : मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने के बाद भी जारी रहा इलाज, 42 दिन बाद पत्नी को मिला घर जाने का मैसेज

CG News : अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मृत आरक्षक का कथित तौर पर आयुष्मान योजना के तहत 42 दिनों तक इलाज चलता रहा। हैरानी की बात यह है कि आरक्षक की मौत के बाद उसका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो चुका था। इसके बावजूद 42 दिन बाद उसकी पत्नी के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें बताया गया कि मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद आरक्षक की पत्नी ने पूरे प्रकरण की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मौत के बाद भी जारी रहा इलाज

जानकारी के मुताबिक, आरक्षक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिवार को इसकी जानकारी दी गई और बाद में उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। इसके बावजूद रिकॉर्ड में आयुष्मान योजना के तहत मरीज का उपचार जारी रहने की जानकारी सामने आई।

बालिकाओं की सेहत से खिलवाड़ नहीं आयोग का सख्त संदेश

करीब 42 दिन बाद आरक्षक की पत्नी के मोबाइल पर अस्पताल या योजना से जुड़ा संदेश पहुंचा। संदेश में कथित तौर पर लिखा था कि मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर जा रहा है।

पत्नी के मोबाइल पर मैसेज से खुला मामला

जब मृत आरक्षक की पत्नी के मोबाइल पर यह संदेश पहुंचा तो वह हैरान रह गईं। परिवार को पहले से पता था कि आरक्षक की मृत्यु हो चुकी है और उसका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया जा चुका है।

इसके बाद परिजनों ने मामले को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि यदि मरीज की मौत हो चुकी थी तो उसके नाम पर आयुष्मान योजना के तहत इलाज का रिकॉर्ड कैसे चलता रहा।

रिकॉर्ड में गड़बड़ी या बड़ी लापरवाही?

इस मामले ने आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों में मरीजों के इलाज और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि मृत आरक्षक के नाम पर इलाज का रिकॉर्ड किस स्तर पर दर्ज हुआ और 42 दिनों तक इसकी जानकारी संबंधित सिस्टम में कैसे बनी रही।

यदि रिकॉर्ड में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है, तो मामला और गंभीर हो सकता है। वहीं तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि होने की स्थिति में भी संबंधित व्यवस्था की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत होगी।

पत्नी ने की जांच और कार्रवाई की मांग

आरक्षक की पत्नी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

फिलहाल मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मृत आरक्षक के नाम पर 42 दिनों तक आयुष्मान योजना का इलाज रिकॉर्ड में कैसे चलता रहा और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

About The Author