27 साल से संचालित दुकानों पर अब भी लगा ताला, दुकानदारों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
कोरबा। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा मुख्य चौक स्थित पांच दुकानों को लंबे समय से सील किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। प्रभावित दुकानदारों ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा द्वारा सील की गई दुकानों को जल्द खोलने की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि न्यायालय द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के बावजूद उनकी दुकानों को अब तक सीलमुक्त नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
आवेदकगणों के अनुसार वे पिछले करीब 27 वर्षों से बांकीमोंगरा मुख्य चौक में स्थित इन दुकानों में व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। संबंधित दुकानें एसईसीएल द्वारा निर्मित बताई जा रही हैं। मामले में नरेंद्र कुमार शर्मा नामक व्यक्ति ने अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर दावा किया था कि उक्त पांचों दुकानें उनके स्वामित्व की हैं। आवेदन में दुकान खाली कराकर कब्जा दिलाने और मामले के लंबित रहने तक दुकानों को सील करने की मांग की गई थी।
इस पर अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए 19 दिसंबर 2025 को पांचों दुकानों को सील करवा दिया था। इसके बाद पूरे मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई पूर्ण होने के बाद 15 जून 2026 को न्यायालय ने शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार शर्मा का आवेदन खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया कि विवादित दुकानें एसईसीएल की भूमि पर निर्मित हैं और ऐसे मामले में सुनवाई का अधिकार संबंधित विभाग को है, न्यायालय को नहीं।
हालांकि, न्यायालय ने अपने आदेश में दुकानों को सीलमुक्त करने के संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किया। दुकानदारों का आरोप है कि इसी कारण उनकी दुकानें आज भी सील हैं और वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से व्यवसाय पूरी तरह बंद है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
प्रभावित व्यापारियों ने कलेक्टर से मांग की है कि अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा और संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी कर दुकानों को तत्काल सीलमुक्त कराया जाए, ताकि वे फिर से अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।









