Guru Ghasidas National Park Negligence : इलाज मिलता तो बच जाती जान , मकराद्वारी में लकड़बग्घे की मौत ने खोली वन विभाग के दावों की पोल, ग्रामीणों में भारी रोष

Guru Ghasidas National Park Negligence

Guru Ghasidas National Park Negligence

  • बड़ी लापरवाही: मकराद्वारी इलाके में बीमार लकड़बग्घे को समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी मौत हो गई।
  • आग का कहर: जंगल में लगी आग के कारण जानवर अपने प्राकृतिक आवास से बाहर आ गया था।
  • प्रबंधन विफल: ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।

Guru Ghasidas National Park Negligence , सूरजपुर — छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन्यजीव संरक्षण की पोल खोलने वाली खबर सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के मकराद्वारी इलाके में एक लकड़बग्घे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। यह बेजुबान जानवर घंटों तक तड़पता रहा, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने इसे बचाने के लिए कोई सक्रियता नहीं दिखाई। जंगल की आग से बचकर बाहर आए इस जानवर के लिए नेशनल पार्क का सुरक्षा घेरा ही जानलेवा साबित हुआ।

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मैदान पर नहीं दिखी टीम: वन विभाग की सुस्ती ने ली जान

बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी में जब ग्रामीणों ने घायल लकड़बग्घे को देखा, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय वन अमले को दी गई। लकड़बग्घा शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो चुका था और चलने की स्थिति में भी नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते इसे रेस्क्यू कर इलाज दिया जाता, तो इसकी जान बचाई जा सकती थी।

  • लोकेशन: मकराद्वारी क्षेत्र, बिहारपुर।
  • कारण: बीमारी और जंगल की आग से झुलसने की आशंका।
  • जांच का विषय: क्या वन विभाग के पास इमरजेंसी रेस्क्यू टीम मौजूद नहीं थी?

जंगल में लगी आग ने पहले ही वन्यजीवों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। आग के डर से जानवर रिहायशी इलाकों की ओर भाग रहे हैं, जहाँ वे या तो कुत्तों का शिकार हो रहे हैं या फिर इलाज न मिलने से दम तोड़ रहे हैं।

“लकड़बग्घा बहुत देर तक छटपटाता रहा। हमने अधिकारियों को बताया था, लेकिन वे तब पहुंचे जब वह मर चुका था। अगर यही तेजी पहले दिखाई होती, तो आज यह जिंदा होता। विभाग केवल फाइलों में वन्यजीवों की रक्षा कर रहा है।”
— स्थानीय ग्रामीण, सूरजपुर

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