गांव में अफीम का साम्राज्य? लगातार दूसरे दिन पुलिस की छापेमारी
Opium Cultivation
खेतों में लहलहा रही थी अफीम, सूचना पर पहुंची पुलिस
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चंदाडांडी गांव के एक दुर्गम इलाके में अफीम की फसल तैयार की जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही करोंधा पुलिस की टीम ने राजस्व विभाग के अमले के साथ मौके पर दबिश दी। वहां पहुंचते ही अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि एक बड़े रकबे में अफीम की फसल पूरी तरह लहलहा रही थी। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पूरे खेत को अपने घेरे में ले लिया है और फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
“हमें चंदाडांडी गांव में अवैध खेती की पुख्ता जानकारी मिली थी। टीम मौके पर मौजूद है और रकबे का आकलन किया जा रहा है। मामले में संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— स्थानीय पुलिस अधिकारी, बलरामपुर
बलरामपुर जिला झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से लगा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर इस तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। लगातार दो दिनों में दो अलग-अलग स्थानों पर अफीम मिलने से यह साफ है कि इलाके में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। पुलिस अब उन भू-स्वामियों की तलाश कर रही है जिनके नाम पर यह जमीन दर्ज है। प्रशासन ने सीमावर्ती गांवों में मुनादी करवा दी है और ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। आने वाले दिनों में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दुर्गम पहाड़ी रास्तों और जंगलों से सटे खेतों में ड्रोन कैमरे के जरिए निगरानी बढ़ाने की योजना है, ताकि ऐसी अवैध फसलों का पता लगाया जा सके।








