अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि पानी की पर्याप्त सप्लाई हो रही है तथा आपूर्ति किये जाने वाला पेयजल पूर्णतः शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण है – आयुक्त
कोरबा 06 मई 2026 – आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने नगर निगम कोरबा के जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों व अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वे यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन पाईप लाईन के माध्यम से आपूर्ति किये जाने वाला पेयजल पूर्णतः शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण हों तथा पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति की जाये। उन्होने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित पेयजल का निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप सैम्पल लेकर नियमित जांच करायें,पाईप लाईन के विभिन्न अंतिम छोरों से नियमित रूप से लिये जा रहे पानी के सैम्पल व उसकी जांच से जुड़ी समस्त प्रक्रिया को पूरी सजगता व गंभीरता के साथ संपादित करायें, ओव्हरहैड टेंकों की स्वच्छता, पाईप लाईनों की मरम्मत, हैण्ड पम्पों की मरम्मत, पानी का ट्रीटमेंट व आसपास की साफ-सफाई, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आदि के कार्य एक अभियान के रूप में पूरा करें।
आयुक्त श्री पाण्डेय ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के जल व विद्युत विभाग से जुड़े अधिकारियों, अभियंताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था व निगम द्वारा की जा रही जलापूर्ति कार्य की विस्तार से समीक्षा की, उन्होने आपूर्ति किये जाने वाले पेयजल की शुद्धता व गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने के निर्देश देते हुये कहा कि चूंकि निगम द्वारा रा-वाटर को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित कर क्लोरिनयुक्त जल वार्ड व बस्तियों में आपूर्ति किया जाता है, जिसके दूषित होने की संभावना नहीं होती, किन्तु यह संभावना सदैव बनी रहती है कि यदि पाईप लाईनों में कहीं टूट-फूट हो जाती है, और बाहर से गंदा पानी पाईप लाईनों के जल में मिल जाता है, तो वह जल दूषित हो सकता है, अतः यह आवश्यक है कि पानी लाईनों के अंतिम छोरों से प्रतिदिन एकत्र किये जाने वाले पानी के सैम्पल व उसकी मौके पर जांच का कार्य पूरी गंभीरता, सजगता व जिम्मेदारी के साथ किया जाय, साथ ही वितरण पाईप लाईनों का लगातार निरीक्षण हों एवं जहॉं कहीं भी पाईप लाईनों की टूट-फूट दिखें, उसकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाय।
शिकायत रजिस्टर संधारित करें- आयुक्त श्री पाण्डेय ने निगम के सभी जोन कमिश्नरों व पेयजल विभाग के प्रभारी अधिकारी को निर्देश देते हुये कहा कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों के लिये विशेष शिकायत रजिस्टर सभी जोन कार्यालयों में एवं मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में विशेष शिकायत रजिस्टर संधारित करें, प्राप्त शिकायतों को दर्ज कर शिकायतों का तत्काल निराकरण करायें। उन्होने कहा कि इस विशेष शिकायत रजिस्टर में दर्ज शिकायतों एवं उनके निराकरण की प्रतिदिन समीक्षा की जायेगी, अतः इसे पूरी गंभीरता से लें।
आपात स्थिति में बस्तियों में हो टैंकर से जलापूर्ति – आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि चूंकि निगम क्षेत्र के सभी वार्ड व बस्तियों में पाईप लाईनों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था संचालित हो रही हैं, किन्तु यदि विद्युत अवरोध, पाईप लाईन टूट-फूट या अन्य किसी कारणवश किसी बस्ती में पानी की आपूर्ति बाधित होती है, तो वहॉं पर तत्काल पानी टैंकरों के माध्यम से शुद्ध व उपचारित जल की पर्याप्त आपूर्ति तब तक करायें, जब तक कि वहॉं की नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं हो जाती, ताकि इस ग्रीष्म ऋतु में आमनागरिकों को पेयजल की असुविधा न हों तथा उन्हें पर्याप्त पेयजल प्राप्त हो सके।
नालियों से होकर गुजरने वाली पाईप लाईन को शिफ्ट करें – आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि वार्ड एवं बस्तियों में टीम बनाकर पाईप लाईनों व घरों तक जाने वाले कनेक्शन का तत्काल सर्वे करें तथा यह देखें कि कोई पाईप लाईन या घर कनेक्शन की पाईप नालियों के अंदर से होकर तो नहीं गुजर रही, यदि कहीं पर भी ऐसा पाया जाता है तो तत्काल उक्त पाईप लाईन व घर कनेक्शन की पाईप को वहॉं से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करायंे।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पानी टंकियों व घरों से लें पानी का सैम्पल – आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने संबंधित अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जल उपचारित होने के पश्चात प्रति घंटे उसका सैम्पल कलेक्ट कर उसकी जांच करें तथा यह सुनिश्चित करें कि प्लांट से लगातार प्राप्त होने वाला उपचारित जल पूर्णतः शुद्ध एवं निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप है। आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियांे को निर्देश दिये हैं कि वाटर स्टोरेज टंकियों से भी दिन में दो बार सैम्पल लेकर उसकी भी जांच करें, साथ ही प्रत्येक बस्ती व प्रत्येक आवासीय क्षेत्र में दो-चार घरों से भी पानी का सैम्पल नियमित रूप से कलेक्ट कर उसकी भी जांच करायें तथा यह देंखे कि पानी पूर्णतः शुद्ध है या नहीं, यदि की पानी की शुद्धता में संदेह दृष्टिगोचर होता है तो तत्काल इसके कारणों की जांच करें, उन कारणों को दूर करें ताकि पानी दूषित होने की संभावना नगण्य हो सके।
हैण्डपम्पों के पानी को उपचारित करायें – आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्ड, बस्तियों में स्थित हैण्डपम्पों से भी पानी का सैम्पल लेकर उसकी जांच करायें तथा यदि पानी के दूषित होने की जरा भी संभावना दिखती है तो तत्काल हैण्डपम्प के पानी को उपचारित कर उसे जीवाणु रहित करायें, साथ ही पुनः 07 दिन बात सैम्पल लेकर जांच करें, यदि पुनः जल दूषित पाया जाता है तो उसकी विस्तृत जांच हेतु नमूना प्रयोगशाला में भेंजे तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने तक उक्त जलस्त्रोत को बंद रखें।
पानी टंकियों, जल स्त्रोतों की स्वच्छता पर सतत नजर – आयुक्त श्री पाण्डेय ने अधिकारियों से कहा कि निगम के ओव्हर हेड टैंकों, पानी टंकियों, एमबीआर आदि की साफ-सफाई पर सतत रूप से कार्य करें, मानदण्डों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में पानी टंकियों की सम्पूर्ण सफाई की जाय तथा सफाई के पश्चात सफाई करने की तिथि अंकित की जाय ताकि यह पता चलें कि संबंधित पानी टंकी, ओव्हरहेड टैंक आदि की सफाई कब की गई है, आयुक्त श्री पाण्डेय ने विभिन्न जल स्त्रोतों, हैण्ड पम्पों के आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करने, हैण्ड पम्पों से उत्सर्जित होकर समीप में एकत्रित होने वाले जल में तथा आसपास के स्थल में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने आदि के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
वाटर ए.टी.एम., वाटर कूलर व प्याऊ घरों में ठंडे पानी व स्वच्छता पर फोकस – आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि निगम द्वारा अपने सभी 07 जोन में स्थित सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड तथा ज्यादा आवाजाही वाले स्थलों पर अस्थाई प्याऊ संचालित कराये जा रहे हैं, साथ ही 08 वाटर ए.टी.एम. व 23 वाटर कूलर भी विविध सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित हैं। संबंधित जोन कमिश्नर एवं उस जोन के प्रभारी अधिकारी यह अंतिम रूप से सुनिश्चित कर लें कि सभी अस्थाई प्याऊ, वाटर कूलर व वाटर ए.टी.एम. में स्वच्छ व ठंडा पानी हर समय उपलब्ध रहें तथा प्याऊ घरों की स्वच्छता पर विशेष फोकस रखा जाये।
हैंण्ड पम्पों, बोरवेल आदि में वाटर हार्वेस्टिंग – आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वार्ड एवं बस्तियों में स्थापित ऐसे सभी हैंण्ड पम्प व बोरवेल जो चालू स्थिति में है, से कनेक्ट कर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्मित करायें ताकि हैण्ड पम्प व बोरवेल से प्रवाहित होने वाला अतिरिक्त जल पुनः जमीन के अंदर समाहित हो सके, पानी व्यर्थ में न बहे, जल की बचत हो तथा भू जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।









