गुफा में छिपे जैश आतंकी ढेर, भारतीय सेना ने 2 पाकिस्तानी कमांडर मार गिराए, ग्रेनेड से तबाह की पनाहगाह

उधमपुर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों ने एक भीषण मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के दो खूंखार पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है। यह कामयाबी ‘ऑपरेशन किया’ (Operation KIYA) के तहत मिली, जो करीब 20 घंटे तक चला। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को उनके सुरक्षित ठिकाने—एक प्राकृतिक गुफा—में ही ढेर कर दिया।

वीडियो में दिखा सेना का रौद्र रूप

मुठभेड़ का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सेना के जवान रणनीतिक तरीके से आतंकियों को घेरे हुए नजर आ रहे हैं। आतंकियों ने बसंतगढ़ के जाफर जंगल में एक गहरी गुफा में शरण ले रखी थी। जब आतंकियों ने आत्मसमर्पण से इनकार कर गोलीबारी जारी रखी, तो सेना ने आईईडी (IED) और ग्रेनेड का इस्तेमाल कर गुफा के मुहाने को उड़ा दिया।

मारे गए आतंकियों की पहचान और बरामदगी

  • टॉप कमांडर ढेर: मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान जैश के वरिष्ठ कमांडर अवु मविया (Abu Mavia) के रूप में हुई है, जो पिछले कई सालों से इस इलाके में सक्रिय था। दूसरे आतंकी की पहचान ‘उस्मान’ के रूप में की जा रही है।

  • घातक हथियार बरामद: एनकाउंटर साइट से एक M4 कार्बाइन, एक AK-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है।

‘ऑपरेशन किया’ की पूरी कहानी

यह संयुक्त ऑपरेशन सेना की व्हाइट नाइट कोर (16 कोर), सीआईएफ डेल्टा (CIF Delta), जम्मू-कश्मीर पुलिस (SOG) और सीआरपीएफ द्वारा चलाया गया।

  1. घेराबंदी: मंगलवार शाम करीब 4 बजे जाफर जंगल में आतंकियों के मूवमेंट की सूचना मिली थी।

  2. चुनौतीपूर्ण इलाका: घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आतंकियों ने गुफा का सहारा लिया।

  3. अंतिम प्रहार: रात भर घेरा मजबूत रखने के बाद बुधवार सुबह सेना ने निर्णायक हमला बोला। एक आतंकी का शव गुफा के मुहाने पर, जबकि दूसरा अंदर मिला।

चतरू और किश्तवाड़ में भी सर्च ऑपरेशन तेज

उधमपुर के साथ-साथ किश्तवाड़ के चतरू इलाके में भी सुरक्षाबल एक अन्य ग्रुप की तलाश में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार, वहाँ भी एक आतंकी को ढेर किया गया है, लेकिन दुर्गम इलाका होने के कारण सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। सेना ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से पूरे पीर पंजाल रेंज की निगरानी कर रही है।

व्हाइट नाइट कोर का बयान: “यह ऑपरेशन विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल और सामरिक सटीकता का उदाहरण है। हमने आतंकियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया।”

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