कुसमुंडा खदान में दर्दनाक हादसा: ड्यूटी के दौरान मजदूर की मौत, आक्रोशित परिजनों ने घेरा GM दफ्तर
कोरबा। कुसमुंडा खदान में ड्यूटी के दौरान एक मजदूर की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और सहकर्मियों ने ठेका कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर जीएम कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया।
मृतक की पहचान
मृतक की पहचान कांशी दास महंत (34 वर्ष) निवासी कठरा बुड़गहन, जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई है। वह कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत नरईबोध में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। कांशी दास महंत रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (आरईपीएल) नामक ठेका कंपनी में कोल सैंपलिंग का कार्य करता था।
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात कांशी दास महंत नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर था। सुबह घर लौटने से पहले ही कार्यस्थल पर उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। सहकर्मियों ने तत्काल उसे विकासनगर स्थित एसईसीएल डिस्पेंसरी पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया।
निजी अस्पताल में हुई मौत
इसके बाद कांशी को कोसाबाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और सहकर्मी अस्पताल पहुंच गए।
मुआवजे और नौकरी की मांग
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मॉर्च्युरी में मृतक के सहकर्मियों ने ठेका कंपनी के कोऑर्डिनेटर से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने की मांग की। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आक्रोशित ग्रामीण और मजदूर कांशी दास महंत का शव लेकर कुसमुंडा स्थित जीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
ठेका कंपनी पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कोऑर्डिनेटर अपने दो सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन मजदूरों के हितों और मांगों को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दे सके, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।









