Mumbai Mayor Controversy : बीएमसी मेयर पद को लेकर सियासी खींचतान तेज, बीजेपी और शिंदे गुट में अब तक नहीं बन पाई सहमति
Mumbai Mayor Controversy , मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच खींचतान लगातार तेज होती जा रही है। बीएमसी चुनाव में शानदार प्रदर्शन और स्पष्ट जनादेश मिलने के बावजूद, चुनाव परिणाम घोषित हुए छह दिन बीत जाने के बाद भी दोनों सहयोगी दल मुंबई मेयर के नाम पर एक राय नहीं बना पाए हैं।
इस राजनीतिक रस्साकशी के बीच मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद बांद्रा स्थित होटल ताज लैंड्स एंड में ठहराए गए शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 पार्षद करीब पांच दिन बाद होटल से बाहर निकले। माना जा रहा है कि इन पार्षदों को किसी भी तरह की राजनीतिक टूट-फूट से बचाने और एकजुटता बनाए रखने के लिए होटल में ठहराया गया था। उनके बाहर आते ही मुंबई की राजनीति में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, अब मुंबई मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला महाराष्ट्र से बाहर, राजधानी दिल्ली में होने की संभावना है। इसके लिए बीजेपी और शिंदे गुट, दोनों ही दलों के वरिष्ठ और शीर्ष नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में होने वाली अहम बैठक के बाद ही यह तय होगा कि बीएमसी का मेयर किस पार्टी के खाते में जाएगा। दरअसल, बीएमसी चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। दोनों ही दल सत्ता में साझेदार हैं और दोनों का दावा है कि मुंबई मेयर का पद उन्हें मिलना चाहिए।









