100% तेजी! क्लीन एनर्जी बूम ने दिया चांदी को एक दशक का सबसे बड़ा उछाल: CWM Preeti Agarwal

2025 में चांदी की कीमतें लगभग दोगुनी हो गईं और आपूर्ति-मांग का असंतुलन अभी भी बना हुआ है, जिससे 2026 के लिए चांदी को मजबूत संरचनात्मक समर्थन मिल रहा है। वर्ष 2025 ने चांदी को न केवल एक कीमती धातु के रूप में, बल्कि एक औद्योगिक धातु के रूप में भी निवेशकों की पसंद बना दिया है। The Finocrats के अनुसार, इस तेजी का कारण औद्योगिक मांग, आपूर्ति में कमी और निवेशकों की ओर से धातु में बढ़ती रुचि है, जिससे चांदी का यह बुल साइकल एक दशक में सबसे बड़ा रहा है।

चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ी है क्योंकि इसका इस्तेमाल सोलर फोटोवोल्टिक पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, सेमीकंडक्टर, 5G इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेशन जैसे तेजी से बढ़ रहे क्षेत्रों में हो रहा है। इसके अलावा, चांदी की आपूर्ति में लगातार कमी बनी हुई है क्योंकि यह अधिकतर तांबा, सीसा और जस्ता के उत्पादन के साथ बाय-प्रोडक्ट के रूप में मिलती है। 2025 में भी आपूर्ति की तुलना में मांग अधिक रही, जिससे बाजार में लगातार घाटा बना हुआ है।

सिल्वर-बैक्ड ईटीएफ्स में भी निवेशकों की ओर से अच्छी रकम आई है, जिससे भौतिक मांग भी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन औद्योगिक मांग और आपूर्ति की कमी के कारण लंबी अवधि में चांदी की तेजी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, निवेशकों को अति-मूल्यांकन और बाजार की अस्थिरता को लेकर सावधान रहना चाहिए।

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