Bilaspur MEMU train accident : बिलासपुर मेमू हादसा, गुप्त बयान में सामने आई ऑपरेशनल लापरवाही की आशंका
Bilaspur MEMU train accident
Bilaspur MEMU train accident : बिलासपुर। लालखदान रेलवे स्टेशन के पास 4 नवंबर को हुए भीषण मेमू ट्रेन हादसे की जांच में गुरुवार को बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) बीके मिश्रा अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के बिलासपुर पहुंचे और रेलवे अस्पताल में भर्ती असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज का गोपनीय बयान दर्ज किया। हादसे की इकलौती चश्मदीद गवाह होने के कारण उनका बयान जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, बयान रिकॉर्डिंग के दौरान अस्पताल परिसर को पूरी तरह मीडिया-फ्री जोन बना दिया गया। न मीडिया को प्रवेश दिया गया और न ही किसी बाहरी व्यक्ति को करीब आने की अनुमति। बयान बंद कमरे में, अत्यधिक गोपनीयता के बीच लिया गया।
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जांच में मिले नए सुराग: सिग्नलिंग सिस्टम पर उठे सवाल
रेलवे सूत्र बताते हैं कि रश्मि राज ने अपने बयान में सिग्नलिंग सिस्टम की गंभीर खामियों, ऑपरेशनल लेवल पर हुई बड़ी लापरवाही, और कई अहम तकनीकी गड़बड़ियों के संकेत दिए हैं।हालांकि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने अभी तक इन तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया है। हादसे के बाद से रेलवे अधिकारियों का यह दावा रहा है कि रश्मि राज की गंभीर स्थिति के कारण उनका औपचारिक बयान दर्ज नहीं किया जा सका था। लेकिन सूत्रों के अनुसार, पिछले 23 दिनों तक सिर्फ औपचारिक पूछताछ ही होती रही थी।
CRS का अचानक पहुंचना बढ़ाता है सवाल
गुरुवार सुबह CRS बीके मिश्रा का अचानक अस्पताल पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है—
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क्या रेलवे को पहले से तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी थी?
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क्या जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो रही थी?
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रश्मि राज के बयान में ऐसा क्या है जिसे सार्वजनिक करने से रेलवे बच रहा है?
इन सवालों के जवाब आगे की जांच में सामने आने की उम्मीद है।
हादसा कैसे हुआ था? (संक्षेप में)
4 नवंबर को लालखदान रेलवे स्टेशन के पास मेमू ट्रेन के हादसे में कई यात्री घायल हुए थे। ट्रेन ने अचानक नियंत्रण खो दिया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया गया था। इस दुर्घटना का कारण प्रारंभिक तौर पर तकनीकी और मानवीय दोनों त्रुटियाँ मानी जा रही थीं।
आगे क्या?
CRS की जांच जारी है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच टीम तकनीकी रिपोर्ट, सिग्नल लॉग्स और कंट्रोल रूम रिकॉर्डिंग की गहन समीक्षा कर सकती है। रश्मि राज के बयान को इस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।अधिकृत जांच रिपोर्ट के जारी होने का अभी इंतजार है।









