धर्मजयगढ़ में गूँजी एकजुटता की आवाज: ग्राम सभा ने कहा—जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए नहीं देंगे भूमि

रायगढ़। जिले के धर्मजयगढ़ ब्लॉक अंतर्गत बैसी कॉलोनी में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने एक बार फिर अपनी एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूती से दोहराया। सभा में सभी गांवों के प्रतिनिधि, महिलाएं, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया कि वे “जल, जंगल और जमीन” की रक्षा के लिए किसी भी कीमत पर अपनी भूमि को कर्नाटक ओपन कोल माइंस प्रोजेक्ट के लिए नहीं देंगे।

ग्रामीणों ने कहा—हमारी जमीन हमारी पहचान

ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी खेती-बाड़ी, जंगल आधारित आजीविका और पीढ़ियों से जुड़ी जमीन को किसी भी तरह के कोयला खदान प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि खनन परियोजनाओं से पर्यावरण को नुकसान, विस्थापन और आजीविका संकट के हालात पैदा होते हैं, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।

पहले भी विरोध का रहा इतिहास

स्थानीय लोगों ने याद दिलाया कि इससे पहले भी पुरुंगा क्षेत्र में अदाणी पावर प्लांट के खिलाफ जोरदार विरोध हुआ था, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा और अपनी जमीन बचाई थी। उनका कहना है कि बैसी कॉलोनी की यह ग्राम सभा उसी संघर्ष की अगली कड़ी है—“यह सिर्फ एक तैयारी नहीं, बल्कि हमारा अडिग संकल्प है।”

ग्राम सभा का फैसला—एक स्वर, एक निर्णय

ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी प्रकार की कोल माइंस परियोजना के लिए सहमति नहीं देंगे। यदि आवश्यकता पड़ी तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन भी करेंगे। ग्राम सभा में युवाओं ने विशेष रूप से कहा कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए इस संघर्ष में आगे रहेंगे।

सरकार और प्रशासन से की अपील

ग्राम सभा में यह भी मांग उठाई गई कि प्रशासन ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से सुने और क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए खनन परियोजना को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

संघर्ष के लिए तैयार ग्रामीण समुदाय

ग्रामवासियों ने कहा कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं झुकेंगे और जल-जंगल-जमीन को बचाने के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।

बैसी कॉलोनी की यह ग्राम सभा लगातार बढ़ते औद्योगिक दबावों के बीच जनसंघर्ष की एक नई मिसाल पेश कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन इस जनमत को किस तरह से लेता है और आगे क्षेत्र में क्या निर्णय लिए जाते हैं।

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