Dhaan khareedee : टोकन वितरण में नई व्यवस्था लागू, एकड़ के अनुसार तय होगी संख्या
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कवर्धा। जिले में किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में सभी सहकारी समितियों के प्रबंधकों एवं खाद्य तथा सहकारिता विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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कलेक्टर वर्मा ने इस अवसर पर धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टोकन वितरण से लेकर धान की क्वालिटी परीक्षण और परिवहन तक हर चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। खरीदी केंद्रों में भीड़ प्रबंधन, सुविधाओं की उपलब्धता और स्टाफ की मौजूदगी पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
कलेक्टर ने इस वर्ष लागू किए गए नए दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को एकड़ के आधार पर टोकन जारी करने की नई व्यवस्था लागू की गई है। शासन के अनुसार—
2 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को 1 टोकन,
2 से 10 एकड़ तक 2 टोकन,
और 10 एकड़ से अधिक वाले किसानों को 3 टोकन जारी किए जाएंगे।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रबंधक इस नियम का कठोरता से पालन करें और किसी भी किसान को निर्धारित सीमा से अधिक टोकन न दिए जाएं। इससे खरीद केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सकेगा।
इसके साथ ही कलेक्टर ने धान की किस्मवार स्टेकिंग व्यवस्था और गेट पास ऐप के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि किस्मवार स्टेकिंग से धान का भंडारण और उठाव अधिक सुगम होगा, जबकि गेट पास ऐप से परिवहन प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी।
बैठक में अधिकारियों ने खरीदी केंद्रों की वर्तमान तैयारियों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि केंद्रों में तौल मशीन, तिरपाल, माप-तौल उपकरण, पेयजल, किसानों के बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहले से जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक खरीदी केंद्र पर नियंत्रण कक्ष और सहायता डेस्क स्थापित किया जाए, जहां किसान अपनी समस्याएं तुरंत दर्ज करा सकें और उनका समाधान तत्काल हो।
कलेक्टर वर्मा ने अंत में कहा कि ”धान खरीदी किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ा अभियान है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी इसकी गंभीरता को समझते हुए ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके।”
बैठक में जिलेभर की समितियों के प्रबंधक, खाद्य विभाग के अधिकारी, सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
Paras Jain, Editor of Nagar Darpan News, delivering insightful journalism with a focus on local and regional news. Stay informed with his expert reporting and analysis.