स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, स्व-शारदा सहायता समूह द्वारा संचालित इस दुकान में कई तरह की अनियमितताएं लंबे समय से चल रही हैं। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें महीनों तक पूरा राशन नहीं दिया जाता। कई बार एक महीने बाद राशन मिलता है, जिससे परिवारों को खाने-पीने की समस्या तक पैदा हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि दुकान संचालक द्वारा शक्कर भी नियमित रूप से नहीं दी जाती, जबकि अन्य गांवों की दुकानों में समय पर सभी सामग्री उपलब्ध रहती है। मजबूरी में कई लोगों को दूसरे गांवों की PDS दुकानों तक जाना पड़ रहा है, जो अतिरिक्त आर्थिक बोझ और समय की बर्बादी का कारण बन रहा है।
ग्रामवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग इस मामले में जल्द कार्रवाई करे, ताकि राशन वितरण व्यवस्था सही हो सके और लोगों को उनका हक समय पर मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और दोषी संचालक के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो।