कोरबा में खिला दिव्य ब्रह्मकमल – डॉ. अंजना सिंह के घर आई दुर्लभ आभा
कोरबा की धरती पर एक अद्भुत और दुर्लभ सौंदर्य का साक्षात्कार हुआ है। विख्यात समाजसेवी एवं अंतर्राष्ट्रीय कवयित्री डॉ. अंजना सिंह के घर प्रकृति ने अपने दिव्य पुष्प ब्रह्मकमल की झलक दी। हिमालय की ऊँचाइयों पर खिलने वाला यह फूल, जिसे Saussurea obvallata कहा जाता है, पहली बार डॉ. सिंह के घर खिला और पूरे परिवेश को एक अलौकिक आभा से भर गया।
रात्रि में खिलने वाला यह पवित्र फूल, जो प्रातः होते-होते मुरझा जाता है, अपने साथ अनूठी सुगंध, शांति और अध्यात्म का संदेश लेकर आया। ब्रह्मकमल का धार्मिक महत्व है – इसे भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और यह पवित्रता, त्याग और साधना का प्रतीक है।
कवयित्री डॉ. अंजना सिंह ने इस दुर्लभ पुष्प के दर्शन को अपने लिए ईश्वरीय आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा – “ब्रह्मकमल केवल फूल नहीं, यह प्रकृति का संदेश है कि दुर्लभता में ही असली सौंदर्य और शक्ति छिपी होती है।”
कोरबा की साहित्यिक और सांस्कृतिक दुनिया के लिए यह क्षण गर्व और आनंद का है। डॉ. सिंह के घर खिला ब्रह्मकमल न केवल प्राकृतिक चमत्कार है, बल्कि यह कोरबा की धरती पर अध्यात्म और काव्य का संगम भी है।








