सरकारी खजाने को चपत : CSMCL में नियम ताक पर रखकर बांटी गई रकम।

CSMCL , रायपुर — छत्तीसगढ़ के चर्चित CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने CDL यानी छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि ओवरटाइम भुगतान और बोनस से जुड़े कई फर्जी बिल तैयार किए गए। आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपए का भुगतान कराया गया।

Red Fort Blast Case : बड़ा खुलासा , NIA की जांच में सामने आया लाल किला धमाके का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

फर्जी बिल, कमीशन और अंदरूनी नेटवर्क का खुलासा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, एन. उदय राव की भूमिका केवल दस्तावेजी मंजूरी तक सीमित नहीं थी। अफसरों का दावा है कि उनके निर्देश पर कई फर्जी बिल तैयार किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर अरुणपति नामक कारोबारी संपर्क सूत्र के जरिए रकम का हिस्सा पूर्व आबकारी नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। जांच अधिकारी अब बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल चैट और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।

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ईओडब्ल्यू-एसीबी सूत्रों के अनुसार, कुछ भुगतान ऐसे कर्मचारियों के नाम पर भी हुए जिनकी ड्यूटी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं थी। कागजों में ओवरटाइम दिखा, लेकिन ग्राउंड पर काम नहीं मिला। यही बिंदु जांच का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गया है। जांच एजेंसी अब शराब वितरण, बोनस भुगतान और सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों को शक है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।

दफ्तरों में सन्नाटा, रिकॉर्ड खंगालने में जुटी टीम

रायपुर स्थित कई कार्यालयों में गुरुवार सुबह से हलचल तेज रही। जांच टीम ने दस्तावेज जब्त किए और कुछ अधिकारियों से घंटों पूछताछ की। एक अधिकारी ने बताया कि कई भुगतान फाइलों में समान हस्ताक्षर और मिलते-जुलते एंट्री पैटर्न मिले हैं। इससे संदेह और गहरा गया है। कार्यालय परिसर के बाहर चर्चा का माहौल गर्म रहा। कर्मचारियों के चेहरों पर तनाव साफ दिखा। एक कर्मचारी ने धीमी आवाज में कहा, “जांच की आहट पिछले कुछ हफ्तों से थी, लेकिन गिरफ्तारी इतनी जल्दी होगी, इसकी उम्मीद नहीं थी।”

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