बाल संसद चुनाव से बच्चों में जगी नेतृत्व की भावना, कानकी आश्रम शाला में पंचायत और गांधी फैलो की सराहनीय पहल
कोरबा, करतला। कानकी आश्रम शाला में गांधी फैलो नीलू पटेल की पहल पर बाल संसद का चुनाव सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। कार्यक्रम में पंचायत, स्वयं सहायता समूह और गांव के युवाओं का भी सक्रिय सहयोग देखने को मिला।
चुनाव प्रक्रिया में हिरा राजवाड़े (स्व-सहायता समूह) और युवा रेखा मिंज ने अहम भूमिका निभाई, वहीं स्कूल की शिक्षिका सरोजनी साहू ने चुनाव को व्यवस्थित रूप से संचालित कर सफल बनाया। विजयी प्रतिनिधियों को पुरस्कार स्वरूप “किताब” भेंट की गई, जो ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक मानी जाती है।
बच्चों ने इस चुनाव को एक पर्व की तरह मनाया और अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र की बुनियादी सीख प्राप्त की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व कौशल, जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी की भावना को विकसित करना था।
गांधी फैलो नीलू पटेल ने कहा, “बाल संसद चुनाव बच्चों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह उन्हें नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करता है। हमें उम्मीद है कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगी।”
इस आयोजन में ग्राम पंचायत और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता ने ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा और जागरूकता की नई मिसाल पेश की है। बाल संसद जैसे आयोजनों से न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि समाज में जागरूक नागरिक तैयार करने की नींव भी रखी जाती है।















