Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के फर्जी पासपोर्ट का खुला राज, ओमान से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली कोर्ट पहुंचा आरोपी
Mahadev Betting App Case : नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। ओमान से भारत लाए जाने के बाद जांच एजेंसियों को उसके पास से इंडोनेशिया में जारी एक कथित फर्जी पासपोर्ट मिला है। हैरानी की बात यह है कि यह पासपोर्ट सौरभ चंद्राकर के नाम पर नहीं, बल्कि अजंता मेंडिस के नाम पर जारी किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सौरभ ने इस फर्जी पहचान के जरिए अपनी असली पहचान छिपाने और विदेश में रहने की कोशिश की थी। अब इस मामले में उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया है।
फर्जी पासपोर्ट में मिला अजंता मेंडिस का नाम
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के पास से इंडोनेशिया में जारी कथित फर्जी पासपोर्ट बरामद हुआ है। इस दस्तावेज में उसकी पहचान अजंता मेंडिस के रूप में दर्ज बताई गई है। एजेंसियों को आशंका है कि उसने विदेश में अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए इस दस्तावेज का इस्तेमाल किया।
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फर्जी पासपोर्ट का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसे किसने तैयार कराया और इसके जरिए किन-किन देशों में यात्रा की गई।
इसी पासपोर्ट के आधार पर ओमान में हुई थी हिरासत
जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को जुलाई 2026 में ओमान में हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर कार्रवाई की थी।
इसके बाद भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों ने उसे वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद उसे भारत लाया गया है, जहां अब उससे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी, जांच एजेंसियों की नजर
भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। जांच एजेंसियां उससे महादेव ऐप के संचालन, विदेशों में बनाए गए नेटवर्क और कथित अवैध वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ करना चाहती हैं।
फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। अदालत में पेशी के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की दिशा महत्वपूर्ण होगी।
क्या है महादेव सट्टा ऐप मामला?
महादेव ऑनलाइन बुक कथित तौर पर देशभर में संचालित होने वाला बड़ा ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाया जाता था।
इस नेटवर्क के माध्यम से कथित तौर पर भारी रकम का लेनदेन किया जाता था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले में अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं।










