कोरबा में नाबालिग बालिका हत्याकांड का खुलासा, CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा गया आरोपी
कोरबा, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और हत्या के गंभीर मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, बालिका का शव मिलने के करीब 12 घंटे के भीतर संदेही अमित चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया। सीसीटीवी फुटेज, लास्ट सीन थ्योरी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। फिलहाल मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
19 अक्टूबर को लापता हुई थी बालिका
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को रजगामार क्षेत्र से नाबालिग बालिका लापता हो गई थी। परिजनों की सूचना पर कोरबा पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपराध दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की।
पुलिस की टीमें लगातार संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रही थीं। इसी दौरान 22 अक्टूबर 2026 को रजगामार पुरानी बस्ती के पीछे पुराने ईंट-भट्ठे के पास जंगल में बालिका का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से संदेही तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, लास्ट सीन थ्योरी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के आधार पर अमित चौहान को संदेही के रूप में चिन्हित किया गया और उसकी तलाश शुरू की गई।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बांगो थाना क्षेत्र के दूरस्थ जंगल से संदेही को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, बालिका का शव मिलने के करीब 12 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की गई।
POCSO एक्ट सहित गंभीर धाराएं जोड़ी गईं
बालिका का शव मिलने के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 66 के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरी मुलाहिजा के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।










