कोरबा में दशहरा मेले में नकली नोट खपाने की कोशिश, 200 रुपये के 15 फर्जी नोट के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दशहरा मेले की भीड़ के बीच नकली नोट चलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरपी नगर फेज-1 इलाके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खिलौने बेचने और ठेला लगाने की आड़ में बाजार में 200 रुपये के कथित नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे थे। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 200 रुपये के 15 संदिग्ध नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल अंकित कीमत 3,000 रुपये है।
दुकानदार को हुआ शक, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पकड़ा
जानकारी के मुताबिक, दशहरा मेले में दुकानों और ठेलों पर खरीदारी के दौरान आरोपी कथित तौर पर 200 रुपये के नकली नोटों से भुगतान करने की कोशिश कर रहे थे। भीड़भाड़ और जल्दबाजी का फायदा उठाकर इन नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश की जा रही थी।
इसी दौरान एक दुकानदार को भुगतान में मिले 200 रुपये के नोट पर संदेह हुआ। नोट को ध्यान से देखने के बाद उसने इसकी सूचना सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ शुरू की। तलाशी में उनके पास से 15 संदिग्ध नोट बरामद हुए।
साधारण कागज पर प्रिंट करने का दावा
पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि नकली नोट साधारण कागज पर प्रिंट किए जा रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में शंभू नाम के एक युवक का जिक्र किया, जो कथित रूप से नोट तैयार करता था, जबकि दूसरा व्यक्ति उन्हें बाजार और मेले में चलाने की कोशिश करता था।
हालांकि, नकली नोट कहां तैयार किए गए और अब तक कितने नोट बाजार में खपाए गए हैं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
नकली नोट गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
एएसपी लखन पटले के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान, उनके ठिकानों और नकली नोटों के स्रोत का पता लगा रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने के मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। दशहरा मेले की भीड़ में नकली नोट चलाने की कोशिश सामने आने के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।










