शहरों की बदहाल व्यवस्था पर CM Sai’ की दो टूक, सीवरेज सिस्टम सुधारने पर दिया जोर
CM Sai’ रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। अर्बन चैलेंज फंड कॉन्क्लेव के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों के सुनियोजित और आधुनिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। शहरों में सीवरेज सिस्टम दुरुस्त करने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने, बिजली के तारों को भूमिगत करने और लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जगह ऐसी स्थिति बन जाती है कि जहां वाहनों को चलना चाहिए, वहां नाव चलाने की नौबत आ जाती है। उन्होंने शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार को समय की जरूरत बताया।
शहरों में जलभराव की समस्या दूर करने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव शहरी क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं में से एक है। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है।
इस समस्या से निपटने के लिए शहरों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। नालियों और सीवरेज नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ उनके नियमित रखरखाव पर भी ध्यान देना होगा। बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था से बारिश के पानी की निकासी आसान हो सकती है और जलभराव की स्थिति को कम किया जा सकता है।
सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को बनाया जाए बेहतर
मुख्यमंत्री ने शहरों में सीवरेज सिस्टम को व्यवस्थित करने की आवश्यकता बताई। तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के साथ सीवरेज और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में योजनाबद्ध तरीके से इन सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है।
उन्होंने पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। शहरी विकास की योजनाओं में पानी की आपूर्ति, गंदे पानी के प्रबंधन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर आधारभूत ढांचा तैयार करने की आवश्यकता है।
बिजली के तार भूमिगत करने की जरूरत
शहरों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने बिजली के तारों को भूमिगत करने की जरूरत भी रेखांकित की। इससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैले तारों की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ऐसी परियोजनाओं के लिए तकनीकी योजना, पर्याप्त निवेश और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जरूरी होगा।
शहरी विकास के दौरान सड़क, बिजली, पेयजल और सीवरेज जैसी सुविधाओं को अलग-अलग देखने के बजाय एकीकृत योजना के तहत विकसित करना महत्वपूर्ण है।










