बांकीमोंगरा में सड़क और अतिक्रमण की अव्यवस्था पर उठी आवाज, 12 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
कोरबा। बांकीमोंगरा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं, अतिक्रमण और सड़कों पर बढ़ती अव्यवस्थाओं को लेकर अब स्थानीय स्तर पर आवाज उठने लगी है। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के अधिकारी-कर्मचारियों, अध्यक्ष, एल्डरमैन और पार्षदों को संबोधित एक पत्र में 12 बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। पत्र की प्रति कलेक्टर कोरबा को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने की मांग
पत्र में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर निर्धारित और सुरक्षित सीमा तक अतिक्रमण किया गया है, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे अतिक्रमण को हटाने के साथ ही सड़क के दोनों ओर फुटपाथ निर्माण की मांग की गई है, ताकि पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर आवागमन न करना पड़े।
कॉलोनियों में सड़क तक निर्माण का आरोप
सबसे प्रमुख आपत्ति कॉलोनियों में किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि कुछ स्थानों पर सड़क तक बाउंड्रीवाल, भवन, मकान-दुकान, पिलर और चेकर टाइल्स आदि लगाए जा रहे हैं, जिससे रास्ते की चौड़ाई प्रभावित हो रही है।
शिकायत में कॉलोनियों के भीतर भी निर्धारित और सुरक्षित मार्ग की चौड़ाई तक बाधाएं हटाने तथा नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सड़क किनारे पत्थर रखने वालों पर कार्रवाई की मांग
पत्र में घरों के सामने सड़क किनारे बड़े-बड़े पत्थर रखने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा होता है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर नोटिस देने और निर्देश का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
व्यापारियों को लेकर भी पत्र में स्पष्ट मांग रखी गई है कि दुकानों का सामान निर्धारित सीमा के भीतर ही रखा जाए। शिकायत में टैक्स जमा किए जाने वाले क्षेत्रफल से बाहर सामान फैलाने को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
टेंट-पंडाल और बेतरतीब पार्किंग पर भी सवाल
बिना अनुमति सड़क पर टेंट-पंडाल लगाकर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ जुर्माना और टेंट जब्त करने की मांग की गई है। वहीं सड़क से सटाकर लंबे समय तक वाहन खड़े करने और कबाड़ वाहनों को लेकर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्र में निजी जरूरतों के लिए सड़क काटने, सड़क पर ब्रेकर बनाने या सड़क की संरचना से छेड़छाड़ करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई और जुर्माने की मांग की गई है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि ऐसी गतिविधियों से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
आवारा पशुओं और सफाई व्यवस्था को लेकर भी मांग
शिकायत में सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर गौठान में रखने की मांग की गई है। इसके पीछे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना के खतरे का हवाला दिया गया है।
वहीं सामुदायिक भवन उपलब्ध होने के बावजूद निजी कार्यक्रमों और पूजा-पाठ के लिए सड़कों पर टेंट-पंडाल लगाकर आवागमन बाधित करने पर भी आपत्ति जताई गई है। आयोजकों के साथ टेंट संचालकों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
हर वार्ड में सफाई निगरानी समिति बनाने का सुझाव
पत्र में प्रत्येक वार्ड में सफाई निगरानी समिति गठित करने का सुझाव भी दिया गया है। समिति अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था की निगरानी कर समय-समय पर नगर पालिका परिषद को इसकी जानकारी दे सकती है।
पत्र के अंत में नगर पालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से 12 बिंदुओं पर तत्काल निर्णय लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई है। अब देखना होगा कि बांकीमोंगरा क्षेत्र में अतिक्रमण, अवैध निर्माण, पार्किंग, आवारा पशुओं और सफाई से जुड़े इन मुद्दों पर नगर पालिका प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।









