CG Weather Update : रायपुर में सुबह से बारिश ने बढ़ाई ठंडक, प्रदेश में मानसून एक्टिव’ अगले 5 दिन भी होगी बारिश
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CG Weather Update : रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर में रविवार के बाद सोमवार सुबह से भी लगातार बारिश हो रही है। आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
राजधानी में सुबह से बरस रहे मेघ
रायपुर में सोमवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी है। शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन गई है। बारिश के कारण सड़कों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। कार्यालय और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
रविवार को भी राजधानी में बारिश ने लोगों को जमकर भिगोया था। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और उमस से भी राहत मिली है।
24 घंटे में प्रदेशभर में हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के लगभग सभी इलाकों में वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, बलरामपुर जिले के एक-दो स्थानों पर अपेक्षाकृत जोरदार बारिश हुई। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिला।
मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। इसके प्रभाव से नमी प्रदेश की ओर पहुंच रही है, जिससे बादल बनने और बारिश होने की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
अगले 5 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश के भी आसार हैं। विशेषकर निम्न दबाव के प्रभाव वाले क्षेत्रों में मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है।
लगातार बारिश के चलते राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम के सामने जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।









