CG News : कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक’ प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा रद्द, दुर्ग कॉलेज को जारी हुआ नोटिस
CG News : रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सामने आए पेपर लीक मामले को लेकर प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रविवार को विश्वविद्यालय प्रबंधन की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पेपर लीक प्रकरण के बाद अब एंटोमोलॉजी के बाद प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। इसके साथ ही भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा गया है।
प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा रद्द
बैठक में परीक्षा की गोपनीयता से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एहतियातन प्लांट पैथोलॉजी विषय की परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।
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इससे पहले पेपर लीक की शिकायत सामने आने के बाद एंटोमोलॉजी की परीक्षा भी रद्द की जा चुकी है। लगातार दो परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई होने से परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
दुर्ग के कृषि महाविद्यालय को नोटिस
मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को नोटिस जारी किया है। कॉलेज प्रबंधन से पेपर लीक प्रकरण से संबंधित तथ्यों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा गया है।
नोटिस के जरिए यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री की सुरक्षा में कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। जवाब मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।
आपात बैठक में लिए गए कई फैसले
कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में पेपर तैयार करने, उसे सुरक्षित रखने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
प्रबंधन का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और विद्यार्थियों के बीच परीक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास बनाए रखना है।
परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता पर जोर
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। पेपर लीक जैसी घटना से हजारों विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
इसी वजह से प्रबंधन अब परीक्षा प्रक्रिया के हर स्तर की निगरानी मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है।









