लोनर हाथी का आतंक, आधी रात ग्रामीण के घर की दीवार ढहाई; परिवार ने छिपकर बचाई जान
कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कटघोरा वन मंडल के एतमा नगर, जटगा और पसान रेंज में उत्पात मचाने के बाद अब एक लोनर हाथी केंदई रेंज के कोरबी सर्किल पहुंच गया है। बीती रात करीब 1:30 बजे हाथी ने कोरबी बस्ती में घुसकर एक ग्रामीण के घर के हिस्से को ढहा दिया। घटना के समय परिवार घर के अंदर मौजूद था।
आधी रात बस्ती में घुसा लोनर हाथी
जानकारी के मुताबिक, पसान क्षेत्र से अचानक पहुंचे लोनर हाथी ने रात करीब 1:30 बजे कोरबी बस्ती में दस्तक दी। हाथी ने रविन्द्र नामक ग्रामीण के घर को निशाना बनाया और घर के एक हिस्से की दीवार को ढहा दिया।
दीवार टूटने की आवाज से रविन्द्र की नींद खुल गई। हाथी को घर के पास देखकर उन्होंने परिवार के सदस्यों को सतर्क किया। इसके बाद पूरा परिवार घर के एक कोने में छिप गया और किसी तरह अपनी जान बचाई।
हाथी मित्र दल ने मौके पर पहुंचकर खदेड़ा
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण ने हाथी मित्र दल को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी और हाथी मित्र दल के सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचे। टीम ने बस्ती में उत्पात मचा रहे हाथी को खदेड़ने की कार्रवाई शुरू की।
वन विभाग की टीम के पहुंचने के बाद लोनर हाथी जंगल की ओर चला गया और रोदे पहाड़ क्षेत्र में पहुंचकर विचरण करने लगा। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
पसान में 12 हाथियों का दल सक्रिय
इधर, पसान रेंज में भी हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। यहां एक लोनर सहित करीब 12 हाथियों का दल दो अलग-अलग स्थानों पर विचरण कर रहा है।
इसके अलावा कटघोरा वन मंडल के जटगा रेंज के कारीमाटी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में हाथियों की सक्रियता बनी हुई है।
करतला में 15 हाथियों का झुंड डेरा डाले
वहीं, कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में करीब 15 हाथियों का झुंड पिछले दो दिनों से साजापानी के आसपास डेरा डाले हुए है। एक साथ कई इलाकों में हाथियों की मौजूदगी ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। साथ ही ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
लगातार बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष का खतरा
कटघोरा और कोरबा वन मंडल के कई इलाकों में हाथियों की लगातार आवाजाही से मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। वन विभाग हाथियों को आबादी से दूर रखने और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार निगरानी एवं खदेड़ने की कार्रवाई कर रहा है।









