28 जुलाई की बैठक के बाद भी बेअसर कार्रवाई, सड़कों पर आवारा मवेशियों का तांता; हादसों से दहला कोरबा

कोरबा। शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। 28 जुलाई को कलेक्टर कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन बैठक के बाद भी आज तक जमीन स्तर पर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इसके चलते सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर बैठे और घूमते नजर आ रहे हैं। अचानक सड़क पर आने वाले मवेशियों के कारण वाहन चालकों को दुर्घटना से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाना या वाहन मोड़ना पड़ता है। इससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन हादसों में केवल वाहन चालक और राहगीर ही नहीं, बल्कि बेजुबान मवेशी भी गंभीर रूप से घायल होकर अपनी जान गंवा रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है।

बैठक हुई, लेकिन कार्रवाई कहां है?

आम नागरिकों का सवाल है कि जब 28 जुलाई को कलेक्टर कार्यालय में बैठक कर समस्या पर चर्चा हो चुकी है, तो उसके बाद जिम्मेदार विभागों द्वारा धरातल पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? आखिर कब तक बैठकों और निर्देशों तक ही यह समस्या सीमित रहेगी?

जनता की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल संयुक्त अभियान चलाकर सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाएं, पशु मालिकों की जिम्मेदारी तय करें और ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे मवेशी दोबारा सड़कों पर न पहुंचें।

यह सिर्फ यातायात की समस्या नहीं, बल्कि इंसान और बेजुबान दोनों की जिंदगी का सवाल है। प्रशासन को अब बैठक नहीं, ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई करनी होगी।

About The Author