CG Eye Flu : बस्तर में आई फ्लू के बढ़े मामले, अस्पतालों में रोज पहुंच रहे आंखों के मरीज
CG Eye Flu : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मानसून के साथ आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले एक महीने में जिले में 600 से ज्यादा लोग आंखों के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जिला अस्पताल महारानी और मेडिकल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आंखों में लालिमा, जलन और पानी आने जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही बरतने पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है। विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और आंखों में किसी भी तरह की समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा या घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है।
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बारिश और नमी के कारण बढ़ रहा संक्रमण
मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने और धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से आंखों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कंजंक्टिवाइटिस आंख की बाहरी झिल्ली में होने वाला संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर फैल सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, उचित उपचार और सावधानी बरतने पर आई फ्लू के अधिकांश मामले 7 से 15 दिनों के भीतर ठीक हो सकते हैं। वहीं, लापरवाही या बिना चिकित्सकीय सलाह के उपचार करने से समस्या बढ़ सकती है और संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है।
महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे मरीज
सीएमएचओ डॉ. संजय बासक ने बताया कि बारिश के मौसम में हर साल आई फ्लू के मामले सामने आते हैं। वर्तमान में महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में आई फ्लू से प्रभावित मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी बीएमओ और नेत्र रोग विशेषज्ञों को मरीजों की काउंसलिंग करने, समय पर उपचार उपलब्ध कराने और संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
आई फ्लू के ये लक्षण दिखें तो रहें सतर्क
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आंखों में संक्रमण होने पर आमतौर पर इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए:
- आंखों का लाल होना
- आंखों से पानी आना
- आंखों में खुजली या जलन
- आंखों में चुभन या असहजता
- पलकों के आसपास सूजन या चिपचिपापन
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर संक्रमण को दूसरों तक फैलने से रोकने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
घरेलू इलाज से बचें, डॉक्टर की सलाह लें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंख लाल होने, पानी आने, खुजली या जलन जैसी समस्या होने पर खुद से आई ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल न करें। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेकर उचित उपचार कराएं।
डॉक्टरों के अनुसार आई फ्लू आमतौर पर गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन यह तेजी से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और आंखों को बार-बार छूने से बचना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।









