विशेष चेक बाउंस लोक अदालत का आयोजन सराहनीय एवं न्याय सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह

वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आगामी 18 जुलाई एवं 21 नवंबर को आयोजित होने वाली विशेष चेक बाउंस लोक अदालत की सराहना करते हुए इसे न्याय प्रणाली को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से त्वरित निराकरण होने से पक्षकारों का समय, धन एवं अनावश्यक न्यायिक व्यय बचेगा तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।
श्री सिंह ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारियों को चेक बाउंस प्रकरणों को चिन्हांकित कर अधिकाधिक मामलों में प्री-सीटिंग आयोजित करने तथा दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर समझौते के लिए प्रेरित करने के निर्देशों की प्रशंसा की। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वालंटियरों के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों, बैंकों एवं अन्य संस्थानों में व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने की पहल को भी अत्यंत सराहनीय बताया।
उन्होंने जिले के समस्त नागरिकों, बैंक अधिकारियों तथा चेक बाउंस मामलों से जुड़े पक्षकारों से अपील की कि वे इस विशेष लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाते हुए आपसी सहमति से अपने मामलों का निराकरण कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि बैंक भी अधिक से अधिक चेक बाउंस प्रकरणों को प्री-लिटिगेशन के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा तथा तालुका विधिक सेवा समितियों कटघोरा, पाली एवं करतला के समक्ष प्रस्तुत करें, जिससे विवादों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान हो सके।
अंत में वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य “न्याय सबके लिए” है और विशेष लोक अदालत इस उद्देश्य को साकार करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

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