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Iran-US Conflict: युद्धविराम के 10 दिन बाद फिर भड़का तनाव, अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले

तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए अंतरिम युद्धविराम के महज 10 दिन बाद ही दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और ड्रोन लॉन्च साइट्स पर हवाई हमले किए हैं। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है और व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई ईरान द्वारा पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर ‘कीकू’ पर कथित ड्रोन हमला किए जाने के बाद की गई। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए इस हमले में 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहे टैंकर को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।

ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यदि ईरान युद्धविराम का उल्लंघन जारी रखता है तो अमेरिका आगे भी इसी तरह के कड़े कदम उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेहरान अपनी आक्रामक गतिविधियां नहीं रोकता तो क्षेत्रीय हालात और गंभीर हो सकते हैं।

ईरान का पलटवार, फिर बढ़ा तनाव

ईरानी सेना ने भी शनिवार सुबह जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया। इससे पहले भी ईरान पर एक अन्य जहाज ‘एवी एवर लवली’ पर हमला करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि युद्धविराम बनाए रखने का अवसर दिए जाने के बावजूद ईरान ने दोबारा हमला किया।

लेबनान और गाजा में भी हालात चिंताजनक

इस बीच लेबनान में इजरायल और हिजबुल्ला के बीच तनाव भी लगातार बना हुआ है। इजरायल ने नबातिएह क्षेत्र में ड्रोन हमले किए हैं, जबकि हिजबुल्ला ने अमेरिका समर्थित युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। संगठन का कहना है कि दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी तक वह किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं बनेगा।

वहीं गाजा में भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को इजरायली ड्रोन हमले में दो भाई-बहनों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। यह हमला मुवासी क्षेत्र में बने शरणार्थी शिविरों पर किया गया, जिससे पहले से जारी मानवीय संकट और गहरा गया।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ी चिंता

लगातार हो रहे हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

नोट: इस संघर्ष से जुड़े दावों और जवाबी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि सभी मामलों में संभव नहीं हो सकी है। विभिन्न पक्षों द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के आधार पर घटनाक्रम सामने आ रहे हैं।

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