Assembly’ मानसून सत्र को लेकर सख्ती, अफसरों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त

Assembly’ एमसीबी। आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विधानसभा सत्र के दौरान जिले से जुड़े प्रश्नों के समयबद्ध, सटीक और तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराने तथा शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के तहत जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।

प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए फैसला

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित प्रश्न, जानकारी और प्रतिवेदन निर्धारित समय सीमा में शासन को भेजना अनिवार्य होता है। ऐसे में सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी वजह से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सामान्य अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

CG NEWS : सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर फिर सवाल, जेल गेट पर मोबाइल पर बात करता दिखा आरोपी

विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छुट्टी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल अत्यंत आवश्यक एवं अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। ऐसे मामलों में भी संबंधित अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने या अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

समय पर उपलब्ध करानी होगी जानकारी

विधानसभा सत्र के दौरान अक्सर विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इनका उत्तर तय समय सीमा के भीतर शासन को भेजना अनिवार्य होता है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित सभी आंकड़े, रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें, ताकि किसी भी प्रश्न का जवाब समय पर और तथ्यात्मक रूप से उपलब्ध कराया जा सके।

सभी विभागों को जारी किए गए निर्देश

जिला प्रशासन ने आदेश की प्रति सभी विभाग प्रमुखों, अनुविभागीय अधिकारियों और कार्यालय प्रमुखों को भेजते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि विधानसभा सत्र शासन-प्रशासन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और समयबद्ध कार्य निष्पादन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सकें और विधानसभा में जिले से संबंधित सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर समय पर उपलब्ध कराया जा सके।

About The Author