छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुआ मानसून, मौसम ने बदला मिजाज

CG Weather Update

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CG Weather Update : रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे सक्रिय होता नजर आ रहा है, जिससे प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, वहीं तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण उमस और गर्मी से लोगों को आंशिक राहत मिली है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। अगले 3 दिनों तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

पिछले 24 घंटों के दौरान बिलासपुर संभाग में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया।

गुरुवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया।

इन इलाकों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों में केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, गंडई, जगदलपुर, बोराई, बड़े राजपुर, कुआकोंडा, माकड़ी और दुर्ग सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा पिपरिया, धमधा, बड़े बचेली, राजनांदगांव, चारामा, तोंगपाल, खड़गांव और भीमभोरी में भी बारिश हुई।

मौसम सिस्टम सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर एक मौसमी द्रोणिका सक्रिय है। वहीं, पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु तक ऊपरी हवा में एक अन्य द्रोणिका बनी हुई है, जिससे प्रदेश में मौसम प्रभावित हो रहा है।

आज और अगले दो दिन का पूर्वानुमान

प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात भी हो सकता है। अगले दो दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में 19 जून को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। यहां वर्षा, गरज-चमक और अंधड़ चलने के आसार हैं। अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

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