दहेज प्रथा के खिलाफ युवक की अनोखी पहल, प्रशासन से मांगा जीवनसाथी खोजने में सहयोग
तखतपुर। समाज में शादियों के दौरान बढ़ते फिजूलखर्च और दहेज प्रथा के खिलाफ तखतपुर के एक युवक ने अनूठी पहल कर मिसाल पेश की है। वार्ड क्रमांक 7 निवासी राहुल तिवारी ने ‘सुशासन तिहार’ शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग को एक विशेष आवेदन सौंपकर बिना दहेज और सादगीपूर्ण विवाह करने की इच्छा जताई है।
राहुल तिवारी ने अपने आवेदन में कहा है कि वह समाज में फैल रही दहेज प्रथा और विवाह समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च के खिलाफ सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने बिना किसी लेन-देन के विवाह करने का संकल्प लिया है।
युवक ने प्रशासन से एक सुयोग्य जीवनसाथी की तलाश में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने का अनुरोध भी किया है। उनका कहना है कि यदि समाज के युवा दहेज और दिखावे से दूर रहकर सादगीपूर्ण विवाह करें, तो इससे सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में मदद मिलेगी।
राहुल की इस पहल की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोग उनकी सोच को सराहनीय बताते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे प्रयास दहेज प्रथा जैसी बुराइयों के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
‘सुशासन तिहार’ शिविर में दिए गए इस आवेदन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। कई लोगों ने इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक साहसिक कदम बताया है।
राहुल तिवारी का मानना है कि विवाह दो परिवारों और दो व्यक्तियों के बीच विश्वास और सम्मान का संबंध है, जिसे दहेज और दिखावे से नहीं बल्कि आपसी समझ और संस्कारों से मजबूत बनाया जाना चाहिए।









